
नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक बार फिर मुश्किल में हैं। नवाज शरीफ पर भारत में करोड़ों रुपये का काला धन जमा करने का आरोप लगा है । शरीफ पर 4.9 अरब डॉलर (करीब 328 अरब रुपए) की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने नवाज शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। एक निजी न्यूज चैनल ने NAB की तरफ से जारी बयान के हवाले से बताया है कि ब्यूरो के चेयरमैन ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस घटना का वर्ल्ड बैंक के माइग्रेशन ऐंड रेमिटंस बुक 2016 में भी जिक्र है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट में इसपर विस्तार से नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रकम को भारतीय वित्त मंत्रालय में जमा कराया गया, नतीजतन भारत का फॉरन एक्सचेंज रिजर्व बढ़ गया और पाकिस्तान को इससे काफी नुकसान हुआ।
आजीवन चुनाव नहीं लड़ेंगे शरीफ
गौरतलब है कि पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में नवाज शरीफ को आजीवन चुनाव नहीं लड़ने का आदेश दिया है। शीर्ष कोर्ट ने पनामा पेपर में फंसे नवाज शरीफ को उम्रभर के लिए अयोग्य करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी शख्स को संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य ठहरा दिया है तो वह जिंदगीभर के लिए अयोग्य रहेगा। आपको बता दें कि पांच जजों की बेंच ने संविधान के आर्टिकल 62 (1) के अंतर्गत नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया है। कोर्ट ने नवाज शरीफ के अलावा पीटीआई नेता जहांगीर तरीन को भी हमेशा के लिए अयोग्य करार दिया है। फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधियों को हमेशा सच्चा होना चाहिए।
शरीफ पर भ्रष्टाचार के कई मामले
गौरतलब है कि नवाज शरीफ पर भ्रष्टाचार के तीन मामले चल रहे हैं। वहीं इस साल पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य ठहराया गया कोई भी व्यक्ति राजनीतिक पार्टी का मुखिया नहीं रह सकता। इस फैसले के बाद ही नवाज शरीफ को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष पद से हट गए थे।
Published on:
08 May 2018 06:23 pm
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