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मोदी शपथ ग्रहण: 2014 से इन मायनों में अलग होगा 2019 का समारोह, इस बार ये चीजें हैं खास

नरेंद्र मोदी 30 मई को दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित हो रहे इस समारोह की भव्य तैयारियां चल रही हैं इस बार 2014 के समारोह से काफी अलग होगा शपथग्रहण समारोह

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PM Modi Oath ceremony

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत के साथ नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली BJP सरकार एक बार फिर सत्ता में काबिज होने को तैयार है। गुरुवार (30 मई) को राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री की शपथ लेंगे, जिसके समारोह की भव्य तैयारियां जारी हैं। विश्वस्तरीय मेहमानों से लेकर खाने-पीने के पकवानों तक हर मामले में मोदी के ताजपोशी के इंतजाम को शानदार बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस बार का शपथग्रहण मोदी के 2014 के शपथग्रहण से काफी अलग होनेवाला है। इस रिपोर्ट में उन्हीं बिंदुओं पर चर्चा की गई है-

मेहमानों की संख्या

इस बार शपथ समारोह में करीब 6500 मेहमानों के शिरकत होने की संभावना हैं। वहीं, 2014 में करीब 5000 मेहमान पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के साक्षी बने थे।

कौन-कौन से विदेशी मेहमान समारोह में करेंगे शिरकत

नरेंद्र मोदी की 2014 के ताजपोशी के दौरान सार्क देशों को निमंत्रित किया गया था। वहीं, 2019 में इस खास पल के गवाह बनने के लिए बिम्सटेक (BIMSTEC) देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रिक किया गया है। साथ ही मॉरीशस के प्रधानमंत्री, चेक रिपब्लिक के प्रमुख को भी समारोह में आने न्योता दिया गया है।

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पाकिस्तान को नहीं मिला न्योता

पिछली बार नरेंद्र मोदी के खास दिन पर सार्क देशों के सभी प्रमुख शामिल हुए। इसमें पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी शामिल थे। हालांकि, बीते दिनों पुलवामा में हुए आतंकी हमले और सीमा पर लगातार जारी तनाव के मद्देनजर इस बार पाकिस्तान को इस समारोह का न्योता नहीं भेजा गया है।

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समारोह में देश कई राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, राजनीतिक हस्तियों के साथ-साथ दूसरे अहम शख्सियतों को आमंत्रण भेजा गया है। जहां दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी का समारोह में जाना लगभग तय है, तो वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आखिरी समय में शपथग्रहण में शिरकत करने से मना कर दिया है। बता दें कि ममता बनर्जी 2014 के समारोह में शामिल हुई थीं। इसके अलावा हाल ही में अभिनेता से नेता बने रजनीकांत भी इस समारोह में आमंत्रित हैं। रजनीकांत ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के बाद मोदी ही हैं जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले करिश्माई नेता हैं।

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ये खास मेहमान भी होंगे शामिल

देश-विदेश के इन VIP चेहरों के अलावा पीएम के शपथ ग्रहण में कुछ खास लोग भी शामिल होंगे। ये वो हैं, जिनके परिवार के लोगों ने BJP की जीत पक्की करने और पार्टी को आगे बढ़ाने में अपनी जान गंवा दी। समारोह में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा में मारे गए BJP कार्यकर्ताओं के परिवार वालों को शामिल होने का न्योता दिया है। यही नहीं, पार्टी ने दिल्ली में उनके ठहरने के लिए भी खास इतंजाम किए हैं।

शपथ ग्रहण का समय

साल 2014 में मोदी ने 26 मई की शाम 6.30 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं, 2019 में समय में भी कुछ बदलाव किया गया है। मोदी इस बार 30 मई को शाम 7 बजे दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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शपथग्रहण का स्थान
2019 में नरेंद्र मोदी का शपथग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित किया जाना है। यह चौथी बार है जब राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में शपथ ग्रहण समारोह होना तय है। यह जगह राष्ट्रपति भवन के मेन गेट और मेन बिल्डिंग के बीच एक रास्ता है। इस शानदार लोकेशन को भवन में आने वाले महमानों, सरकार के खास लोगों और चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी जैसे विशेष कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, 2014 में भी अधिक लोगों की उपस्थिति के मद्देनजर इसी जगह समारोह आयोजित किया गया था।

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