
मोदी शपथ ग्रहण: मेहमानों से लेकर पकवानों तक जानिए पीछली बार से क्या खास है इस बार
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल कर एक बार फिर नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में शपथ ग्रहण समारोह होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। वहीं, इस बार शपथ ग्रहण समारोह में पिछली बार की तुलना में काफी कुछ नया होने वाला है। समारोह में बिमस्टेक देशों के अलावा कई देशों के प्रमुख, राजनयिक, बुद्धिजीवी, राजनीतिक कार्यकर्ता, सिनेमा जगत की हस्तियां और कई दिग्गज शमिल हो सकते हैं। अनुमान के मुताबिक समारोह में 6,500 मेहमान शामिल होंगे। आइए जानते हैं शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी 10 खास बातें....
1.मोदी के शपथ ग्रहण समारोह को चार-चांद लगाने के लिए इस बार बिम्सटेक देशों को न्योता दिया है। बिम्सटेक देशों में दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देश शामिल हैं। जिनमें भारत समेत पड़ोसी देश बांग्लादेश, नेपाल , भूटान, श्रीलंका, थाइलैंड और म्यांमार आते हैं। इन देशों के अलावा किर्गिस्तान और मॉरीशस को भी न्योता भेजा गया है।
2. पिछली बार नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ शामिल हुए थे। लेकिन इस बार केंद्र ने किनारा करते हुए पाकिस्तान को निमंत्रण नहीं भेजा है। पाकिस्तान को न्योता ना देना इस बात को दर्शाता है कि भारत पाक से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहता।
3. शपथ ग्रहण समारोह के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा गया है, जिनमें ये शामिल हैं-
बांग्लादेश-शेख हसीना
म्यांमार-आंग सान सू की
श्रीलंका- रानिल विक्रमसिंघे
थाइलैंड-प्रायुत चान ओ चा
नेपाल-के पी शर्मा ओली
भूटान-लोटे तशरिंग
बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगी। उनकी जगह राष्ट्रपति अब्दुल हामिद शामिल होंगे।
4.नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल से खास मेहमानों को निमंत्रण दिया गया है। दरअसल, बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में 54 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। बीजेपी ने उन कार्यकर्ताओं के परिवारवालों को शपथ ग्रहण में शामिल होने का न्योता भेजा है।
5. शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जद (एस) नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और आप प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।
6.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शपक्ष ग्रहण समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ममता ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी शपथ ग्रहण के बहाने सियासत कर रही है। इसलिए वह इसमें शामिल नहीं होंगी। बता दें कि ममता ने पहले समारोह में आने की बात कही थी।
7. मोदी के शपक्ष ग्रहण समारोह में सबकी नजर खास तौर पर कैबिनेट मंत्रियों पर टिकी हैं। कैबिनेट मंत्रियों को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। जिनमें सबसे अहम अमित शाह हैं। ऐसी ख़बरें हैं कि अमित शाह को मोदी के दूसरे कार्यकाल में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
8. इस बार मोदी के शपक्ष ग्रहण समारोह में देशी-विदेशी मेहमानों समेत लगभग 6500 लोग शामिल होंगे। इन मेहमानों को लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे। सबसे पहले मेहमानों के लिए हल्के खाने और नाश्ते की व्यवस्था की जाएगी। नाश्ता पूरी तरह से शाकाहारी होगा। इसमें समोसा और राजभोग आदि परोसे जाएंगे। मेहमानों के लिए खाने की जो व्यवस्था की गई है उसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह से व्यंजन होंगे। बता दें कि सारा खाना राष्ट्रपति भवन के किचन में ही बनाया जाएगा।
9.शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले मेहमानों को राष्ट्रपति भवन की खास डिश 'दाल रायसीना' भी परोसी जाएगी। बता दें कि 'दाल रायसीना' को बनाने में 48 घंटे से भी अधिक समय लगता है। यही वजह है कि 'दाल रायसीना' मंगलवार रात से ही बननी शुरू हो गई है।
10. सुरक्षा कारणों से पिछली बार शपथ ग्रहण समारोह में मेहमानों के लिए पानी की बोलतों का इंतजाम नहीं किया गया था। लेकिन इस बार समारोह में पीने के पानी का इंतजाम किया गया है।
Published on:
30 May 2019 07:02 am
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