15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पवन वर्मा की चिट्ठी से गरमाई सियासत, नीतीश ने कहा- किसी और पार्टी का थाम लें दामन

जेडीयू ( JDU ) के महासचिव पवन वर्मा ( Pawan Verma ) की चिट्ठी से गरमाई सियासत नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) ने कहा- पवन वर्मा दूसरी पार्टी में जा सकते हैं

2 min read
Google source verification
nitish kumar and pawan verma

पवन वर्मा की चिट्ठी पर नीतीश कुमार के तेवर तल्ख।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव ( Delhi Vidhan Sabha Chunav ) को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बार दिल्ली में बीजेपी ( BJP ), जेडीयू ( JDU ) और लोजपा ( LJP ) तीनों साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इस गठबंधन को लेकर जेडीयू राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा ( Pawan Verma ) ने बिहार के सीएम और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। अब नीतीश कुमार ने पवन वर्मा को करारा जवाब देते हुए कहा कि वे चाहें तो किसी और पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पवन वर्मा के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी के पास कोई मुद्दा है, तो वह पार्टी या पार्टी की बैठकों में इस पर चर्चा कर सकता है। लेकिन, इस तरह के सार्वजनिक बयान आश्चर्यजनक हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि पवन वर्मा चाहें तो जा सकते हैं और किसी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिसे वह पसंद करते हैं। जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि पवन वर्मा को मेरी शुभकामनाएं हैं। नीतीश कुमार ने यहां तक कहा कि जेडीयू को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर जेडीयू का नजरिया साफ होता है। अगर किसी के मन में कुछ है, तो बात करना चाहिए या तो मिलकर या फिर पार्टी में अपनी बातें रखें।

क्या कहा था पवन वर्मा ने?

गौरतलब है कि जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा ने दिल्ली में जेडीयू के साथ बीजेपी के गठबंधन पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने नीतीश से विचारधारा पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की थी। वर्मा ने कहा था कि पार्टी की विचारधारा स्पष्ट हो। उनका कहना था कि वो जानना चाहते हैं कि बीजेपी की विचारधारा से पार्टी किस हद तक तालमेल रखती है? वर्मा ने 4 साल तक जेडीयू के नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विरोध की बात भी याद दिलाई थी। वर्मा ने यह भी सवाल खड़ा किया था कि अकाली दल ने बीजेपी के साथ दिल्ली में गठबंधन नहीं किया, लेकिन इस विधानसभा चुनाव में जेडीयू बीजेपी के साथ चुनाव लड़ रही है? इस पर पार्टी अपना रुख स्पष्ट करे। यहां आपको यह भी बता दें कि पवन वर्मा के अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी इस गठबंधन पर आपत्ति जताई थी और पार्टी के खिलाफ भी बयान दिया था।