
राज ठाकरे और CM देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को मुंबई महानगर पालिका चुनाव (BMC Election) में अपना वोट डाला और राज्य चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया। ठाकरे ने दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा नीत गठबंधन को जिताने के लिए काम कर रही है। उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं को मतदान के दौरान सतर्क रहने का निर्देश दिया।
राज ठाकरे ने दादर इलाके में मां कुंडा ठाकरे सहित अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपना वोट डाला। मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने निकाय चुनावों में ‘प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट’ (पीएडीयू) के इस्तेमाल को लेकर राज्य चुनाव आयोग पर निशाना साधा। साथ ही सत्ताधारी दलों को कथित तौर पर पैसे बांटने का समय देने के लिए साइलेंस पीरियड में प्रचार करने की अनुमति देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगी स्याही को सैनिटाइजर से आसानी से मिटाया जा सकता है। पहले इस्तेमाल की जाने वाली स्याही की जगह अब एक नया मार्कर पेन इस्तेमाल किया जा रहा है, और इस नए पेन को लेकर शिकायतें आ रही हैं। पूरी सरकारी मशीनरी उन्हें चुनाव जिताने में लगी हुई है। यह एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है। सत्ता के दुरुपयोग की भी एक सीमा होती है।
प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर वोट डालते समय मतदान कर्मचारी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर पक्की स्याही लगाते हैं।
राज ठाकरे की मनसे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ रही हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से निकाय चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और कहा कि इससे शहर बेहतर बनेगा।
नागपुर महानगर पालिका चुनाव में अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा, ‘‘मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बाहर आएं और बेहतर शहर बनाने के लिए मतदान करें।’’
फडणवीस ने राज्य निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाने वाले विपक्षी नेताओं की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें नई रणनीति बनानी चाहिए और हार के बाद जो बोलना है, उसका अभ्यास करना बंद कर देना चाहिए। सभी 29 निगमों में हमारी जीत निश्चित है।’’
फडणवीस ने कहा, चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का फैसला पूरी तरह चुनाव आयोग करता है। उन्होंने बताया कि पहले भी मतदान में मार्कर का इस्तेमाल किया जा चुका है। अगर किसी को इस पर कोई संदेह है, तो चुनाव आयोग को किसी दूसरे पेन का उपयोग करना चाहिए। जरूरत पड़े तो ऑयल पेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। चुनाव से जुड़ी संस्थाओं पर इस तरह से संदेह पैदा करना सही नहीं है।
उन्होंने पीएडी इकाइयों को लेकर विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ईवीएम के काम न करने की स्थिति में इन मशीनों का उपयोग किया जाएगा। पीएडी इकाइयों में केवल डेटा संग्रहीत होगा। मुंबई में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को यह मशीन दिखाई गई थी।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में मतों की गिनती में सुविधा प्रदान करने के लिए बीएमसी चुनावों में पहली बार पीएडी इकाइयों का उपयोग किया जा रहा है। ये ‘बैकअप यूनिट’ के तौर पर काम करेंगी और अन्य ईवीएम यूनिट की तरह ये भी निर्वाचन अधिकारियों के पास रहेगी। इनका इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही किया जाएगा।
बीएमसी प्रशासन ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया है कि निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर लगे पक्की स्याही के निशान मिटाए जा रहे हैं और बीएमसी प्रमुख ने इसे स्वीकार किया है।
मुंबई में 227 वार्डों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। पूरे शहर में 10,231 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 64,375 अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
Published on:
15 Jan 2026 02:31 pm
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