मंदसौर
जिले में कई अफीम किसानों के लुनाई चिराई का काम पूरा हो गया है तो कई किसानों के अभी बाकि है। ऐेसे में जिनके काम पूरा हो गया है। वे किसान अफीम को लेकर अपने घर में सुरक्षित रख दी है। अफीम को कुंडे में रखा है। ऐेसे में अफीम की रखवाली करने के लिए गांवों में स्वयं किसान गश्त लगा रहे है तो कुछ किसान अपने घर में रतजगा भी करते है। इसके अलावा पुलिस भी रात को संबंधित क्षेत्रों में गश्त करती है। ताकि कुंडा चोरी होने की वारदात ना हो। यह सुरक्षा अफीम किसानों को जब तक करना होती जब तक की नारकोटिक्स विभाग के कैंप में अफीम का तौल ना हो जाए । जैसे ही विभाग को अफीम का तौल करवाया। वैसे ही किसान चिंता मुक्त हो जाता है।
जिले में 553 गांवों में अफीम पट्टों की संख्या 19351 है। इसमें नियमित पट्टों की संख्याण्13 हजार 209 है। वही छह हजार 142 सीपीएस में पट्टे है। प्रत्येक किसान को दस आरी का लाइसेंस दिया गया है। ऐसे में 10 आरी से साढ़े सात किलो से लेकर साढ़े नौ किलो तक अफीम हो सकती है। डोडो से अफीम निकालने का काम अभी जिले में चल रहा है तो कुछ किसानों ने यह कार्य खत्म कर दिया है। और अफीम अपने घर में कुंडे में सुरक्षित जगह रख दी है।
अफीम को घर पर लाने के बाद अफीम किसान या तो अपने.अपने घर पर ही रतजगा कर सुरक्षा करते है। या फिर सभी किसान अपने.अपने गांव में एकत्र होकर गश्त करते है। अफीम कास्तकार सुरजमल गरासिया ने कहा कि कुंडा के सुरक्षा के लिए रखवाली करते है। एक व्यक्ति इसकी २४ घ्ंाटे सुरक्षा करता है। अफीम किसान रमेश ने कहा कि अफीम घर में रखी हुई है। इसको सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। और उसकी 24 ही घंटे एक व्यक्ति निगरानी रखता है। और रात को गश्त भी करते है। बारी.बारी से परिवार का हर सदस्य इसकी निगरानी का काम करता है। अफीम किसान रामदयाल धाकड़ ने बताया कि अफीम की रखवाली के लिए परिवार का एक सदस्य 24 घंटे सुरक्षा में लगा रहता है।
फैक्ट फ ाइल
जिले में कुल पट्टो की संख्या.19351
जिले मे कुल नियमित पट्टों की संख्या.13209
जिले में कुल सीपीएस में पट्टों की संख्या.6142
जिले में अफीम खेती वाले कुल गांव.553