
मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता पड़ा कमजोर, 22 नवंबर की बैठक स्थगित
कोलकाता। मोदी सरकार को घेरने में जुटे आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्र बाबू नायडू को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने के लिए नायडू कोलकाता पहुंचे। दोनों की मुलाकात हुई और महागठबंधन पर चर्चा हुई। लेकिन इस बीच आगामी 22 नवंबर को राजधानी दिल्ली में होने वाले विपक्षी बैठक पर बात नहीं बन पाई। लिहाजा इस बैठक को टाल दिया गया है।
महागठबंधन का चेहरा कौन?
आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की चर्चाओं के बीच जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स पूछा गया कि महागठबंधन का नेता कौन होगा। इसपर उन्होंने कहा कि हर कोई महागठबंधन का चेहरा होगा। बता दें कि बैठक के बाद ममता बनर्जी और नायडू ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि महागठबंधन का चेहरा कौन होगा तो उन्होंने जवाब दिया, 'हर कोई महागठबंधन का चेहरा होगा। आज हमने भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा की। हम आपको एक चीज बता सकते हैं कि देश को बचाने के लिए बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में हम सभी एकजुट हैं।' नायडू ने कहा कि घोषणा करत हुए कहा कि 22 नवंबर को दिल्ली में होने वाली विपक्ष की बैठक स्थगित कर दी गई है। नायडू ने कहा, 'हम चुनावों के चलते पहले 22 नवंबर को बैठक करना चाहते थे। नायडू न मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने सभी संवैधानिक संस्थआओं चाहे वह सीबीआई हो, चुनाव आयोग हो , ईडी हो या फिर अन्य सबको ध्वस्त करने का काम किया है। बता दें कि कई विपक्षी दलों ने बैठक में शामिल होने में रूचि नहीं दिखाई इसलिए नायडू को बैठक स्थगित करनी पड़ी। पहले बताया जा रहा था कि बैठक में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जेडीएस, एनसीपी और टीएमसी शामिल होने के लिए हामी भर दी है, जबकि उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में होने का दावा करने वाली सपा, बसपा ने इस बैठक में शामिल होने के लिए हामी नहीं भरी है।
Published on:
19 Nov 2018 09:08 pm
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