कांग्रेस ने दावा किया है कि मोदी सरकार ने बंगाल चुनाव के दौरान टीएमसी सांसद और सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की जासूसी करवाई है। कांग्रेस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए टीएमसी सांसद (TMC MP) अभिषेक बनर्जी को लेकर एक पोस्ट साझा की है। इसमें कांग्रेस ने उनकी जासूसी कराए जाने का दावा किया है।
नई दिल्ली। पेगासस जासूसी मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और लगातार मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। इस बीच अब कांग्रेस ने मोदी सरकार पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने दावा किया है कि मोदी सरकार ने बंगाल चुनाव के दौरान टीएमसी सांसद और सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की जासूसी कराई है। कांग्रेस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए टीएमसी सांसद (TMC MP) अभिषेक बनर्जी को लेकर एक पोस्ट साझा की है। इसमें कांग्रेस ने उनकी जासूसी कराए जाने का दावा किया है।
कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा ''अपने दुश्मनों को करीब रखो वाली कहावत को बीजेपी ने ज्यादा गंभीरता से ले लिया"। इस ट्वीट के साथ कांग्रेस ने अभिषेक बनर्जी के एक तस्वीर साझा की है, जिसमें लिखा है ''आप क्रोनोलॉजी समझिए.. पेगासस स्पाईवेयर का टारगेट.. कौन? अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी के भतीजे.. कब? 2021.. क्यों? पश्चिम बंगाल.. मोदी सरकार का डर अंतहीन है।''
सोमवार को दिल्ली आ रही हैं ममता बनर्जी
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सोमवार (26, जुलाई) को दिल्ली आ रही हैं। ममता बनर्जी मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास में जुट गई हैं और बीते कुछ दिनों में कई ऐसे मौके सामने आए हैं जब ममता ने विपक्ष को एक साथ आने के संकेत दिए हैं।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर विपक्षी दलों के कई नेताओं के साथ मुलाकात कर सकती हैं। आगामी 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ममता सक्रिय हो गई हैं और मोदी सरकार के सामने एक विकल्प के तौर पर देखी जा रही हैं। लिहाजा, तमाम विपक्षी दलों को एकसाथ करने में जुट गई हैं। हाल ही में पहली बार गुजरात में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ये स्पष्ट किया था कि अब यहां पर भी खेला होगा।
पेगासस जासूसी पर विवाद
आपको बता दें कि पेगासस जासूसी विवाद पर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। पेगासस के जरिए जासूसी किए जाने को लेकर जो खुलासा हुआ है, उसमें 300 से अधिक लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें राहुुल गांधी, प्रशांत किशोर, अभिषेक बनर्जी, पूर्व सीजेआई, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार आदि के नाम शामिल हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से सदन में चर्चा कराने और फिर इसकी न्यायिक जांच कराने की मांग कर रही है।
हालांकि, सरकार ने विपक्ष के तमाम आरोपों को गलत बताते हुए पेगासस जासूसी मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय साजिश करार दिया है और कहा कि भारत की छवि को खराब करने के लिए संसद के मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन पहले इसे जारी किया गया है।