
पेट्रोल-डीजल के दामों में 2.50 रुपए की कटौती मोदी सरकार का चुनावी लॉलीपोप है: कांग्रेस
नई दिल्ली। बीते कई हफ्तों से पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढौतरी को लेकर देशभर में सरकार के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे थे, लेकिन बीते दिन केंद्र सरकार ने फैसला करते हुए अचानक ऐलान कर दिया कि केंद्र सरकार तेल के दामों में 2.50 रुपए सस्ता कर रही है। इसके अलावा राज्य सरकारों से अपील की कि वे भी 2.50 रुपए सस्ता करें। यानी कुल मिलाकर जनता को पांच रुपए की राहत दी। लेकिन इन सबके बावजूद अब विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार ने जनता के हित में नहीं बल्कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। इस बाबत कांग्रेस पार्टी ने रविवार को कहा कि तेल कीमतों में फिर इजाफा होने से मोदी सरकार के पाखंड की पोल खुल गई है। कांग्रेस ने कहा कि तेल पर उत्पाद कर में नाममात्र की कटौती पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के लिए चुनावी लॉलीपॉप है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा पेट्रोल और डीजल के दाम में हालिया बढ़ोतरी से मोदी सरकार का पाखंड जाहिर हो गया है। इसका एक ही मतलब है कि तथाकथित कटौती पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए चुनावी लॉलीपॉप थी।
आपको बता दें कि मोदी सरकार की ओर से गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की गई थी। इसको लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि इससे मोदी सरकार का छल-कपट साफ उजागर होता है, जो उत्पाद कर में मामूली कटौती का बेशर्मी से श्रेय ले रही है और तेल कंपनियों को फिर पिछले दरवाजे से दाम बढ़ाने को कह रही है। खेड़ा ने आगे कहा कि पिछले दो दिनों में दिल्ली में पेट्रोल का दाम 32 पैसे और डीजल का दाम 58 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया है। आगे खेड़ा ने कर्नाटक चुनाव के दौरान 17 दिनों तक तेल के दाम में स्थिरता रहने का जिक्र किया और कहा कि वह हैरान हैं कि क्या तेल की कीमतें सही मायने में नियंत्रण मुक्त कर दी गई हैं। बता दें कि कांग्रेस ने एक बार फिर पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आने से पहले श्रेय लेने का पाखंड पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
Published on:
07 Oct 2018 09:50 pm
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