
नई दिल्ली। एक तरफ बीजेपी ब्रांड मोदी के नाम से देश और दुनिया में वोट बंटोरने में जुटी है तो दूसरी तरफ बीजेपी के ही गढ़ माने जाने वाले महाराष्ट्र से उनका नामो-निशान ही गायब हो गया है। दरअसल महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार सत्ता में आने के बाद सरकार के साथ काफी कुछ बदल गया है।
प्रदेश में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस की सरकार आने के बाद प्रदेश के सरकारी विज्ञापनों में बदलाव देखने को मिला है। यहां सरकारी विज्ञापन में से प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की तस्वीर गायब हो गई है। यानी अब महाराष्ट्र के विकास में पीएम मोदी का कोई योगदान नजर नहीं आएगा।
बीजेपी में विरोध
प्रदेश के सरकारी विज्ञापनों में से पीएम मोदी की तस्वीर हटाए जाने का प्रदेश बीजेपी ने विरोध किया है। प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष प्रसाद लाल ने आरोप लगाया कि सरकारी विज्ञापन से पीएम की तस्वीर को हटा दिया गया है, साथ ही मांग की है कि कम से कम सामान्य शिष्टाचार का तो पालन किया ही जाए।
बीजेपी ने सीएम उद्धव ठाकरे और शरद पवार को एक पत्र लिखा गया है, जिसमे आरोप लगाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश का उल्लंघन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि सरकारी विज्ञापन में पीएम की तस्वीर होनी चाहिए।
इस पत्र में मांग की गई है कि भविष्य में विज्ञापन के प्रकाशन में इस बात का ध्यान रखा जाए और पीएम मोदी की तस्वीर को लगाया जाए। पत्र में कहा गया है कि नई सरकार आने के बाद से सरकारी विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर को नहीं छापा जा रहा है।
प्रसाद लाल ने अपील की है कि आगे से सरकारी विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर को छापा जाए, क्योंकि इस बाबत सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है।
भाजपा नेता और विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विज्ञापनों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश की तस्वीर को ही छापने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकार इसका पालन करे।
Published on:
13 Dec 2019 12:32 pm
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