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महाराष्ट्र में सरकार गठन की संभावनाएं बढ़ीं, इन पांच तरीकों से बन सकती है सरकार

महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर समीकरण बदले शिवसेना ने बीजेपी के सामने रखा इंतजार करने का विकल्प 48 घंटे में कोई बड़ा ऐलान कर सकती है शिवसेना

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महाराष्ठ्र में सरकार गठन का पेंच अभी भी फंसा हुआ है। विधानसभा का नतीजा आए काफी समय बीत जाने पर भी बीजेपी और शिवसेना में मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है। वहीं एनसीपी भी सरकार बनाने की जंग में शामिल है। अब बीजेपी की ओर से बातचीत की पहल बंद होने के बाद शिवसेना ने 48 घंटे और इंतजार करने की बात कही है। यानी शिवसेना कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। दरअसल, राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए शिवसेना जहां 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है, वहीं बीजेपी किसी भी हाल में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ना नहीं चाहती और कांग्रेस भी अपने जुगाड़ भिड़ा रही है।

जानकारों ने जताई ये संभावनाएं

उधर, एनसीपी भी गेंद अपने पाले में करने के लिए स्पष्ट कर चुकी है कि अगर शिवसेना भाजपा से गठबंधन समाप्त कर दे, तो दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। इस सबके बावजूद महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कोई सहमति नहीं बन पा रही है। राजनीतिक विश्लेष्कों ने कुछ ऐसी संभावनाओं की ओर संकेत किया है, जिस आधार पर महाराष्ट्र में सरकार बनाई जा सकती है।

शिवसेना का 50-50 वाला फॉर्मूला

जानकारों के अनुसार- अगर शिवसेना के 50-50 वाले फॉर्मूले को मान लिया जाए और भाजपा पहले ढाई सालों के लिए देवेंद्र फडनवीस को सीएम बना सकती है। अगले ढाई साल शिवसेना का सीएम होगा। पहले ढाई साल शिवसेना को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है। राजनीतिक समीकरणाों को देखते हुए आदित्य ठाकरे डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। हालांकि शिवसेना इसके साथ-साथ राज्य में 40 फीसदी मंत्री शिवसेना के और केंद्र सरकार में शिवसेना के मंत्रियों की संख्या बढ़वाना चाहती है।

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इसी तरह, शिवसेना भाजपा के फडनवीस को ही पांच साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने पर मान सकती है और डिप्टी सीएम का पद ले सकती है। इसके बदले में भाजपा म्युनिसिपल कार्पोरेशन और बीएमसी चुनावों में चुनाव ना लड़ने का फैसला लेकर मामला सुलझा सकती है। इस पर सहमति बनती है, तो सरकार बनाने का रास्ता साफ हो सकता है।

बीजेपी कर सकती है ऐसी पहल

ऐसे किसी फॉर्मूले पर सहमति नहीं बनती तो, ज्यादा सीटें जीती होने के कारण बीजेपी अकेले दम पर सरकार के गठन की पहल कर सकती है। बाद में फ्लोर टेस्ट के साथ बहुमत साबित कर सकती है। लेकिन ये हॉर्स ट्रेंडिंग की संभावना है। ऐसे में जरूरी यह है कि सभी निर्दलीय विधायक बीजेपी का साथ दें। कर्नाटक चुनावों में ऐसी कोशिश हुई थी। ऐसे में देवेंद्र फडणवीस पूरे पांच साल के लिए सीएम बनेंगे और डिप्टी सीएम के पद की जरूरत नहीं रहेगी।

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शिवसेना ले सकती है कांग्रेस-एनसीपी का समर्थन

जानकारों के अनुसार- एक संभावना के रूप में शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के बाहरी समर्थन से भी सरकार बनाने का प्रयास कर सकती है। तीनों मिल जाएं, तो 154 सीटें बनती हैं, बहुमत से 9 ज्यादा है। ऐसी स्थिति में राज्य में दो डिप्टी सीएम बनाने होंगे। सुभाष देसाई या एकनाथ शिंदे सीएम बन सकते हैं।

एक अन्य विकल्य के रूप में भाजपा चाहे तो एनसीपी के साथ मिलकर भी सरकार बना सकती है। दोंनों की मिलाकर 159 सीटें होती हैं जो बहुमत से 14 सीटें अधिक हैं। ये संभावना इसलिए जताई जा रही है, क्योंकि इससे पहले भी दोनों में कई बार रणनितिक साझेदारी बनी है।