काँग्रेस के ज्यादातर बड़े नेता मुख्यालय से गायब है। कार्यकर्ता और स्टाफ काफी नाराज है। कांग्रेस के कुछ नेता जो मिले भी वो कैमरे का सामना नहीं कर रहे थे। हालांकि ऑफ रिकॉर्ड बताने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि पार्टी को ग्रामीण और मुस्लिम वर्ग से वोटों की बहुत ज्यादा उम्मीद थी। लेकिन यह दोनों वर्ग बंट गए। दूसरा गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, अमेठी से राहुल गांधी, सोनीपत से भूपिंदर हुड्डा, भोपाल से दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गजों के पिछड़ने को कांग्रेस के बड़े नेता स्वीकार नहीं पा रहे। अब नेता उम्मीद कर रहे हैं कि कम से कम पार्टी लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए जरूरी सीटें जीत लें। पिछली बार पार्टी को 44 सीट नसीब हुई थी।