राजनीति

पंजाब: नवजोत सिद्धू को रोकने के लिए सीएम अमरिंदर ने धुर विरोधी प्रताप सिंह बाजवा से मिलाया हाथ

पंजाब में कांग्रेस के अंदर मचे सियासी घमासान के बीच अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्धू को रोकने के लिए अब अपने धुर विरोधी प्रताप सिंह बाजवा से हाथ मिला लिया है।

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Jul 17, 2021
Punjab: CM Amarinder Singh Meet Arch Rival Pratap Singh Bajwa To Counter Navjot Singh Sidhu

चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस के अंदर मचे सियासी घमासान के बीच अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुलकर नवजोत सिद्धू के खिलाफ मैदान में आ गए हैं। थोड़ी दर पहले तक पार्टी हाईकमान की बात मानने को तैयार अमरिंदर ने अब अपने धुर विरोधी प्रताप सिंह बाजवा से हाथ मिला लिया है। पंजाब में लगातार सिद्धू के बढ़ते कद से परेशान अमरिंदर ने बाजवा से हाथ मिलाते हुए एक नई चाल चली है।

सीएम अमरिंदर ने बाजवा को अपने आवास (फॉर्म हाउस) पर बुलाया और दोनों के बीच अहम बैठक हुई। सबसे खास बात कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर और पुराने कांग्रेसी नेता राणा केपी सिंह भी इस बैठक में शामिल रहे।

बता दें कि बीते दिन शुक्रवार को जब सिद्धू ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, उसके बाद से ये चर्चा शुरू हो गई कि सिद्धू को पंजाब की जिम्मेदारी (अध्यक्ष पद) मिलने वाली है। इन चर्चाओं के बीच शाम को कैप्टन अमरिंदर ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पार्टी हाईकमान जबरन पंजाब में दखल देगी तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में अब बाजवा के साथ अमरिंदर का हाथ मिलाना कुछ इसी ओर संकेत कर रहा है।

पार्टी हाईकमान को संकेत देने की कोशिश?

नवजोत सिद्धू को पंजाब की जिम्मेदारी देने की खबरों के बीच अब राजनीतिक गलियों में चर्चाएं शुरू हो गई हैैं कि कैप्टन अमरिंदर हार नहीं मानेंगे और पार्टी हाईकमान को एक सख्त संदेश देने की कोशिश करेंगे। बाजवा के साथ अमरिंदर का हाथ मिलाना इसी कोशिश के तहत देखा जा रहा है।

राजनीतिक गलियों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अमरिंदर चाहते हैं कि पंजाब में पार्टी की बागडोर किसी पुराने कांग्रेसी के हाथ में ही रहे। चूंकी सिद्धू कुछ साल पहले ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं ऐसे में अब उन्हें पंजाब की बागड़ोर सौंपना अमरिंदर का रास नहीं आ रहा है।

अब माना जा रहा है कि सीएम अमरिंदर का हमेंशा विरोध करने वाले बाजवा सिद्धू को रोकने के लिए कैप्टन का साथ दे सकते हैं। बता दें कि शनिवार को पंजाब में चल रहे राजनीतिक ड्रामा के बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि पार्टी हाई कमान जो भी फैसला करेंगे कैप्टन अमरिंदर उसे स्वीकार करेंगे।

हरीश रावत के इस बयान से अमरिंदर सिंह पर दबाव काफी बढ़ गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बाजवा के साथ हाथ मिलाने के कैप्टन अमरिंदर के फैसले को पार्टी हाईकमान पर कितना असर पड़ता है और फिर क्या फैसला लेती है।

आज कई नेताओं व मंत्रियों से मिले सिद्धू

नवजोत सिद्धू ने पार्टी के अंदर चल रहे घमासान के बीच शनिवार को कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात की। सिद्धू ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सुनील जाखड़ से मुलाकात कर चर्चा की। यह मुलाकात आधे घंटे से ज्यादा समय तक चली और इसके बाद सिद्धू ने जाखड़ को बड़ा भाई और मार्गदर्शक बताया। वहीं, जाखड़ ने सिद्धू को सक्षम व्यक्ति करार दिया।

इसके अलावा सिद्धू ने मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक बरिंदरमीत सिंह पहरा, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, कुलबीर सिंह जीरा और दविंदर सिंह घुबाया से भी मुलाकात की। मुलाकात के बाद रंधावा ने कहा, पार्टी में ‘ऑल इज वेल (सब अच्छा)’ है।

Updated on:
17 Jul 2021 09:48 pm
Published on:
17 Jul 2021 09:40 pm
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