
कांग्रेस मुख्यालय जहां जीत की रणनीति बननी चाहिए वहां विरोध और हंगामे के साथ पुलिस का पहरा
राजस्थान विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है कांग्रेस पार्टी को अपने प्रतिनिधियों और समर्थकों के साथ बैठककर जीत की रणनीति तैयार करनी चाहिए वो आपस में लड़ झगड़ रहे हैं। कुछ लोग तो ये भी कहते नजर आए कि ऐन मौके पर शुरू हुई इस बगावत का नुकसान सिर्फ पार्टी को ही होगा जिसका बड़ा असर चुनाव परिणाम पर देखने को मिलेगा। ये नजारा शनिवार को राजधानी जयपुर के चांदपोल स्थित इंदिरा गांधी भवन राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय के बाहर का था।
दोपहर साढ़े बारह बजे से ही यहां गहमा-गहमी का मौहाल था लेकिन मुख्यालय से 50 मीटर दूर। क्योंकि मुख्यालय को जोडऩे वाली सड़कों के दोनों तरफ पुलिस बैरिकेंडिंग थी। भारी संख्या में पुलिस बल लाठी डंडो के साथ तैनात थी जिससे माननीयों के समर्थकों को नियंत्रित किया जा सके। मुख्यायल के प्रवेश द्वार पर लगा चैनल बस इतना ही खुला था जिससे एक व्यक्ति अंदर या बाहर आ जा सकता था वो भी तमाम तरह की पूछताछ के बाद। मकसद सिर्फ एक कि वे लोग किसी हालत में पार्टी दफ्तर के भीतर न पहुंच सकें जो टिकट बंटवारे को लेकर विरोध में खड़े हैं।
विरोध से सुर देख रह गए हैरान
एक कांग्रेसी नेता भगवा कुर्ता, सफेद पैजामा और कैप पहने बाहर निकले तो कार्यालय के दोनों तरफ विरोध की आवाज सुन और भीड़ देख हैरान रह गए। अपने एक साथी से कहने लगे कर कोई और रहा है और सुनना हम लोगों को पड़ रहा है। फिर वे आगे बढ़े और सड़क के दोनों तरफ विरोध कर रहे लोगों की बात सुनी। उनका ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि सब ठीक हो जाएगा। जब वापस लौटे तो गेट के भीतर दाखिल होने से पहले कहने लगे कि समझ नहीं आ रहा क्या किया जाए और ऊपर से कुछ आदेश नहीं मिल रहा है।
अपने गिरेबां में झांकने का वक्त है
सफेद पैजाम कुर्ता और सदरी पहने एक कांग्रेसी कार्यकर्ता कह रहे थे कि 1980 से मैं पार्टी के लिए काम कर रहा हूं लेकिन इस तरह की स्थिति पहली बार देखी है, जहां अपने ही अपनों के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनकी इसी बात को काटते हुए एक बुजुर्ग कहते हैं कि दूसरों को गलत ठहराने से अच्छा हैं कि अपने गिरेबां में झांक लिया जाए। अगर सही वक्त पर सही फैसला नहीं लिया गया तो नुकसान सिर्फ अपना ही होगा। ये 1980 का नहीं 2018 का दौर है जहां जनता सब कुछ जानती है।
आपसी समझ होती न होते ऐसे हालात
मुख्यालय के पास स्थित प्लाजा के बाहर खड़े कुछ बुजुर्ग लोग चर्चा कर रहे थे ये सारा मसला आपसी समझ का है। टिकट बंटवारे से पहले एक सर्वसम्मित से बैठक हो जाती और नेता पदाधिकारियों को समझा लिया जाता तो ऐसे हालात पैदा न हो। ये नेताओं की आपसी लड़ाई और बंदरबांट पार्टी को नुकसान पहुंचाएगी। अभी भी वक्त है अगर हाईकमान चीजों को समझ जाए तो हालात ठीक हो सकते हैं।
अपने ही अपनों को हराने का दावा करने लगे
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर अखिल भारतीय बागडा़ ब्राह्मण महासभा के उग्र प्रदर्शन ने वहां मौजूद लोगों को हैरत में डाल दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आमेर विधानसभा क्षेत्र से प्रशांत शर्मा को टिकट दिया गया है जिसको लेकर बागड़ा समाज विरोध में है। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि अगर इस सीट से गंगा सहाय को टिकट नहीं मिला तो बागड़ा समाज कांग्रेस को वोट नहीं करेगा। इसका नतीजा ये होगा कि उसे बारह सीटों पर हार का सामना करना पड़ेगा।
प्रचार सामग्री की दुकानों पर पसरा सन्नाटा
पार्टी दफ्तर के बाहर चुनाव प्रचार से जुड़ी सामग्री बेचने की करीब आधा दर्जन से अधिक दुकाने हैं। एक दुकानदान नरेश गुप्ता बताते हैं कि उम्मीद थी कि टिकट बंटवारे के बाद प्रचार सामग्री की ब्रिकी बढ़ जाएगी। पर हालात जस के तस हैं। दिनभर में दो चार झंडे बिक जाते हैं वो भी विरोध करने वाले लोग खरीदते हैं। वो कहते हैं कि अगर बगावत नहीं हुई होती तो हालात कुछ और होते और दुकानों पर भीड़भाड़ देखने को मिलती।
पुलिस भी नजारा देख सिर्फ मुस्कुराती रही
कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मची अफरा-तफरी को देख वहां सुरक्षा के लिए खड़े पुलिस अफसर और जवान भी मुस्कुराते नजर आए। एक दरोगा अपने साथियों से कह रहे थे कि जब दो लोग आपस में लड़ते हैं तो फायदा तीसरे को होता है। कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता वही कर रहे हैं। इस आपसी लड़ाई का फायदा किसे होगा इन्हें बहुत अच्छे ढंग से पता है।
अभी ये हाल है बाद में ये नेता क्या करेंगे
पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन, हंगामे और भीड़भाड़ की वजह से सड़कों से गुजर रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक बाइक सवार जब प्रदर्शनकारियों के बीच में फंस गए तो कहने लगे 'अरे पार्टी के नेता आप लोगों को परेशान कर रहे हैं- आप लोग जनता को क्यों परेशान कर रहे होÓ। इसपर एक वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता ने उन्हें जाम से निकाला और कहा भाई साहब आपकी परेशानी हमारी परेशानी है। हम कतई नहीं चाहेंगे कि जनता परेशान हो।
Updated on:
17 Nov 2018 10:13 pm
Published on:
18 Nov 2018 04:01 am
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