पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा कराना चाहती है तमिलनाडु सरकार, विरोध में केंद्र

पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा कराना चाहती है तमिलनाडु सरकार, विरोध में केंद्र

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Sep, 06 2018 07:04:28 PM (IST) राजनीति

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों की रिहाई के लिए तमिलनाडु सरकार लगातार कोशिश कर रही है।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषियों की दया याचिका पर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल से कहा है कि वह हत्यकांड के दोषी एजी पेरारीवलन की याचिका पर विचार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने कहा कि वे सभी सात दोषियों को रिहा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के आज के निर्णय का अध्ययन करने के बाद तैयारी की जाएगी।

राजीव के हत्यारों को रिहा करना चाहती राज्य सरकार

AIDMK के वरिष्ठ नेता और मंत्री डी जयकुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के दोषी ए जी पेरारिवलन की दया याचिका पर विचार करने के कोर्ट के निर्णय पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दोषियों को छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस संबंध में उठाये गए पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के कदमों का जिक्र भी किया। इस बीच कानून मंत्री सी वी षणमुगम ने कहा कि मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी से चर्चा के बाद इस संबंध में कदम उठाया जाएगा। राज्य के मुख्य विपक्षी दल द्रविड मुनेत्र कषगम समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

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राजीव गांधी के हत्यारे रिहा होने के काबिल नहीं: केंद्र

वहीं पिछले महीने केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राजीव गांधी हत्याकांड मामले के दोषियों को रिहा नहीं किया जा सकता और साथ ही कहा कि उन्हें रिहा करने से एक 'खतरनाक उदाहरण' पेश होगा। केंद्र की तरफ से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता पिंकी आनंद ने जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि केंद्र को तमिलनाडु सरकार का दोषियों को रिहा करने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है। केंद्र ने अपनी रपट में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को रिहा करने से गलत उदाहरण पेश होगा। इस मामले पर न्यायपालिका और कार्यपालिका के विभिन्न मंचों से निर्णय किया गया है और कैदी रिहा के काबिल नहीं हैं।

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