
नई दिल्ली इस्लामाबाद से चर्चा को तैयार, लेकिन पाकिस्तान को आगे आना होगा-राजनाथ सिंह
नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नई दिल्ली इस्लामाबाद के साथ चर्चा के लिए तैयार है लेकिन पहला कदम पाकिस्तान को उठाना पड़ेगा। साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने होंगे । राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार कश्मीर में शांति बहाली के लिए प्रतिबद्ध है और यदि घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहती है तो सरकार रमजान के बाद कश्मीर में युद्ध विराम की अवधि को बढ़ा सकती है। एक सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा अगर पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है तो हम भी तैयार हैं। हम पड़ोसी से अच्छे संबंध चाहते हैं। लेकिन पड़ोसी का भी फर्ज बनता है कि आगे आकर इसकी पहल करें।
पाकिस्तान की मानसिकता पर उठाए सवाल
हालांकि उन्होंने पाकिस्तान के मंसूबे पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रमजान के पाक महीने में भी गोलीबारी की जा रही है। इससे पड़ोसी की मानसिकता का पता चलता है कि वह शांति स्थापित नहीं चाहता। रमजान के दौरान भारत ने ऑपरेशन पर रोक लगा रखी है लेकिन उधर से सीजफायर का उल्लंघन लगातार किया जा रहा है। इससे झलकता है कि पाकिस्तान को कश्मीरियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। क्योंकि उन्हें कोई सहानुभूति होती तो वह हमारे कदम का स्वागत करते। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अगर आंतकियों को सफाया करना चाहता है तो भारत के साथ मिलकर आंतक के खिलाफ आगे आना चाहिए।
जवाबी कार्रवाई पर कोई सवाल नहीं
बताते चलें कि कश्मीर में बड़े हमले की साजिश की खबर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी। दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल के अलंकरण समारोह में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम पड़ोसी देशों के साथ संबंध अच्छा रखना चाहते हैं। लेकिन पड़ोसी देश शांति नहीं चाहता। बीएसएफ जवान सीमा पार से आने वाली गोलियों का माकूल जवाब दे रहे हैं। देश की सीमा की रक्षा करना बीएसएफ का कर्तव्य है और इस कर्तव्य को पूरा करने में कोई बाधा नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई पर किसी से कोई सवाल जवाब नहीं होगा।
Published on:
27 May 2018 08:56 pm

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