
Ram Vilas Paswan-Anil Kumar Sadhu
पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सुप्रीमो रामविलास पासवान ने दामाद
अनिल कुमार साधु को रविवार को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी
प्रवक्ता ललन चंद्रवंशी ने यहां बताया कि पार्टी के सुप्रीमो पासवान ने दामाद अनिल
कुमार साधु को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया तथा दलित सेना की प्रदेश
इकाई को भी भंग कर दिया। उन्होंने बताया कि नई कमेटी जल्द ही गठित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अनिल कुमार साधु टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज थे। साधु लोजपा
संसदीय वोर्ड के सदस्य और दलित सेना के प्रदेश अधयक्ष भी थे।
लोकजनशक्ति
पार्टी के अंदर अब खुद पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान के दामाद अनिल कुमार साधू ने
ही बगावत का बिगुल बजा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पासवान पुत्र मोह में
अंधे हो गए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी का टिकट न दिए जाने से नाराज साधू
ने कहा कि रामविलास पासवान धृतराष्ट्र बन चुके हैं। पुत्रमोह में अब उन्हें कुछ
दिखाई नहीं दे रहा है। इसके खिलाफ वह सोमवार को रामविलास पासवान का पुतला दहन भी
करेंगे।
उनका कहना है कि वह अब अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी नहीं
पहचानते हैं। वह सिफ उन्हें ही जानते और पहचानते हैं जो उनका जूता साफ करता है।
पार्टी से बगावत करने वाले साधू ने साफ कर दिया है कि वह लोजपा से टिकट न मिलने के
बाद भी चुनाव में उतरेंगे। साधू ने कहा कि बिहार चुनाव में 40 सीटों पर दलित सेना
के उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने आनन-फानन में इसके लिए टिकटों का बंटवारा भी कर
दिया है।
गौरतलब है कि साधू औरंगाबाद जिले में सुरक्षित सीट कुटुंबा से
चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन वह सीट पूर्व मुख्यमंत्री और हम के संस्थापक जीतन राम
मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन को आवंटित कर दी गई। उन्होंने पासवान पर आरोप
लगाया कि उनका टिकट काटकर रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस और लोजपा
प्रमुख के एक अन्य भाई रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज को टिकट दे दिया गया।
Published on:
20 Sept 2015 11:05 pm

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