
गणतंत्र दिवस 2019: जानिए, क्या है राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के तीनों रंगों और धर्म चक्र का महत्व?
नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व और करीब 100 वर्षों के संघर्ष के बाद 15 अगस्त, 1947 को भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी। लेकिन एक आजाद देश को चलाने के लिए हमारे पास संविधान नहीं था। इसके लिए डॉ. बीआर अम्बेडकर की अध्यक्षता में संविधान निर्माण समिति बनाई गई। इस समिति ने भारतीय राजनीतिक व्यवस्था को कुशलता पूर्व संचालन और आजाद भारत को एक राष्ट्र के रूप में बनाए रखने के लिए संविधान तैयार किया। यह संविधान 26 जनवरी, 1950 में लागू हुआ था। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि सविंधान सभा ने जिस तिरंगा को भारतीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया उसके तीनों रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) और केंद्र में स्थित धर्म चक्र का महत्व क्या है?
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसको जाने बगैर आप इस बात को भी नहीं समझ सकते कि विजयी विश्व तिरंगा प्यारा... का गीत हम क्यों गाते हैं? दरअसल, भारत का राष्ट्रीय ध्वज एक क्षैतिज आयताकार तिरंगा है जिसके शीर्ष पर केसरिया रंग, बीच में सफेद और समान अनुपात में सबसे नीचे गहरे हरे रंग से बना है। ध्वज में केंद्र में धर्म चक्र भी है।
केसरिया
राष्ट्रीय ध्वज में गहरा भगवा रंग शीर्ष स्थान रखता है। यह रंग साहस और निस्वार्थत भाव का पर्याय है। केसरिया रंग हिंदुओं के लिए धार्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह अहंकार के त्याग का प्रतीक है। यह उन सैनिकों के साहस का भी प्रतीक है जिन्होंने अपने जीवन को देश की सुरक्षा के लिए समर्पित कर दिया या ऐसा करने के लिए आज भी हमेशा तैयार रहते हैं।
सफेद
झंडे में सफेद रंग ईमानदारी, शांति और पवित्रता का प्रतिनिधित्व करता है। यह ज्ञान और स्वच्छता का भी प्रतीक है। सफेद बैंड बीच में धर्म चक्र के साथ शांति और सच्चाई को इंगित करता है। यह एक संदेश भी देता है कि प्रत्येक नागरिक को सद्भाव और भाईचारे के साथ रहना चाहिए।
हरा
राष्ट्रीय ध्वज की आखिरी पट्टी हरे रंग की उर्वरता, वृद्धि और भूमि की शुभता को दर्शाती है। हरा रंग सफलता और खुशी का भी प्रतीक है।
धर्म चक्र
तिरंगा के मध्य में धर्म चक्र है। यह सम्राट अशोक द्वारा बनाई गई सारनाथ के राजचिन्ह का प्रतीक है। यह चक्र इस बात का इरादा दर्शाता है कि जीवन गति में है और ठहराव में मृत्यु है। देश के हर नागरिक को मानव जीवन के इस दर्शन को समझने की जरूरत है।
Updated on:
25 Jan 2019 09:16 am
Published on:
25 Jan 2019 09:10 am

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