
राज्यसभा में RJD सांसद मनोज झा ने झुनझुना दिखाकर कहा- आरक्षण का बिल भी ऐसा ही
नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन राज्यसभा में सामान्य वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल पर बहस चल रही है। लोकसभा चुनाव से ठीक इस बिल के आने से विपक्ष कई तरह के सवाल उठा रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा सदन में एक झुनझुना लेकर पहुंच गए और कहा कि ये फिलहाल सत्तारूढ़ सरकार के पास है। जो हिलता तो है लेकिन बजता नहीं है।
ये आधी रात की डकैती: मनोज झा
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि यह आधी रात की डकैती है और हम इस बिल का विरोध करते हैं। ओबीसी और एससी की आबादी पर चुप्पी है और संविधान के बुनियादी ढांचे के साथ छेड़छाड़ हो रही है।उन्होंने कहा कि हमारे एक साथी ने कहा कि गरीबों की जाति नहीं होती। लेकिन सच्चाई ये है कि जातियों में गरीबी है। 100 लोगों का सर्वे कर लिजिए, 90 लोग ओबीसी, एससी, एसटी के मिलेंगे और तब मुसलमान। आरक्षण के बारे में कितनी दफा बात हुई है। उन्होंने कहा कि हम एक मात्र दल हैं जो खुलेआम विरोध कर रहे हैं। हम कह रहे हैं कि आप (केंद्र सरकार) एंटी बैकवर्ड और एंटी दलित हो।
झुनझुना दिखाकर बोले झा....
अपनी बात पूरी करते हुए झा ने संसद में झुनझुना लहराते हुए उसकी तुलना सवर्ण आरक्षण बिल से की। उन्होंने कहा कि मैं एक बात कहना चाहता हूं लेकिन डर है कि कोई बुरा न माना जाए। बड़ी मुश्किल से ये (झुनझुना) मिला । इसका रंग भी कुछ मिलता जुलता ही है। इसे झुनझुना कहते हैं। आमतौर पर तो ये बजता है, लेकिन इस दौर में ये झुनझुना सत्ता प्रतिष्ठान के पास है। ये अब हिलता तो है लेकिन बजता नहीं है।
Published on:
09 Jan 2019 07:33 pm

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