
राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार
लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए 23 जून को पटना में विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई थी। इस बैठक का भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मजाक उड़ाया था। किसी ने इसे बि दूल्हे का बारात बताया तो किसी ने इसे चाय समोसा समारोह बताया था। भाजपा नेताओं के द्वारा विपक्षी एकता की बैठक का मजाक उड़ाने पर राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने पलटवार किया है। इस दौरान वह भाजपा नेताओं पर भड़कते हुए नजर आए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि हम वहां प्रधानमंत्री का उम्मीदवार खोजने नहीं देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सांप्रदायिक ताकतों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ स्थानों पर जानबूझकर किए गए प्रयासों जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गए थे।
भाजपा हमारी बैठक से परेशान-पवार
राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा विपक्षी दलों की बैठक को लेकर चिंतित क्यों थी? प्रधानमंत्री पद के 19 दावेदार एक साथ आए’ इस बात का विरोधियों द्वारा मजाक उड़ाने पर पवार ने कहा कि यह एक बचकाना बयान है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भाजपा दो समुदायों के बीच दरार बढ़ा रही
इस दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पवार ने कहा कि अभी जो लोग (भाजपा) सत्ता में हैं। वह दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे है। हमारी बैठक में धर्म और जाति के आधार पर समुदायों के बीच दरार किसी भी समाज के लिए हानिकारक है। इसे कैसे रोका जाए इस मुद्दे पर विचार चर्चा किया गया।
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हमारे बैठक करने से वह परेशान क्यों हो जाते हैं?
वहीं, उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष (नाम नहीं लिया) की तरफ इशारा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में (विपक्षी नेताओं को) बैठक आयोजित करने की अनुमति है। उन्होंने आगे कहा कि वह मुंबई में एक बैठक करने जा रहे हैं। अगर आप (भाजपा) एक बैठक कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते? हमारे बैठक करने से आप परेशान क्यों हो जाते हैं?
Published on:
26 Jun 2023 01:46 pm

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