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शिवसेना: ईवीएम साथ हो तो अमरीका और लंदन में खिल सकता हैं ‘कमल’

सामना के सम्‍पादकीय में किसान, रोजगार, भ्रष्‍टाचार, ईवीएम जैसे मुद्दों को उठाते हुए शिवसेना ने मोदी सरकार से सवालों के जवाब मांगे हैं।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 11 Feb 2019, 3:53 PM IST

uddhav thackeray

शिवसेना: ईवीएम साथ हो तो अमरीका और लंदन में खिल सकता हैं 'कमल'

नई दिल्‍ली। शिवसेना ने अपने संपादकीय में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के सम्‍पादकीय में ईवीएम का मुद्दा उठाते हुए लिखा है कि ईवीएम साथ होने पर लंदन और अमरीका में भी ‘कमल’ खिल सकता है। यह करामात मोदी-शाह की जोड़ी ही कर सकता है। लेकिन ताज्‍जुब है कि उससे पहले अयोध्या में राम मंदिर का कमल क्यों नहीं खिला? शिवसेना ने इस बात का जवाब भी सम्‍पादकीय के जरिए मांगा है।

बेलगाम होकर न बोलें भाजपा नेता
सामना के सम्‍पादकीय में ऐसे कई सवालों का जवाब मांगे गए है जिनका जवाब भाजपा नेतृत्‍व व पीएम मोदी के पास नहीं है। आगे पार्टी के नेताओं पर तंज कसते हुए लिखा गया है कि इसे गिराएंगे, उसे गिराएंगे, उसे गाड़ेंगे इस तरह की भाषा इन दिनों दिल्ली से लेकर गली तक जारी है। गिराने की भाषा भाजपा वालों के मुंह में इतनी बस गई है कि किसी दिन स्लिप ऑफ टंग होकर खुद के ही अमुक-तमुक लोगों को गिराएंगे। भगवान करे कि इन लोगों के मुंह से ऐसा बयान न निकल जाए। सत्ताधारी दल में जो संयम और विनम्रता का भाव होना चाहिए वो हाल के दिनों में खत्म हो चुका है। एक तरह की राजनीतिक बधिरता का निर्माण हुआ है। यह मान्य है कि विरोधी दल बेलगाम होकर बोलता है, इसलिए सत्ताधारी दल भी इसी तरह बेलगाम होकर न बोले।

देवेंद्र फडणवीस पर भी साधा निशाना
इसी सम्‍पादकीय में शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पार्टी भाजपा पर भी जमकर निशाना साधा है। सोमवार को छपे लेख में महाराष्ट्र की राजनीति से लेकर केंद्र की राजनीति तक पर फोकस किया गया है। शिवसेना ने सरकार 'गिराने' वाली संस्कृति पर भी हमला किया है और पूछा है कि भाजपा की यह भाषा और कब तक चलेगी। संपादकीय की शुरुआत देवेंद्र फडणवीस और उनके उस दावे से की गई है जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की कुल 48 में 43 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं।