
नई दिल्ली। कर्नाटक की सरकार पर मंडरा रहे संकट के बादल कब छटेंगे, यह फिलहाल भविष्य की बात है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कर्नाटक में तत्काल विश्वास मत ( Karnataka Floor Test ) पेश करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। इसी बीच कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम Siddaramaiah ने एक बार फिर फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल करने की हुंकार भरी है। साथ ही बागी विधायकों के संपर्क में होने की बात कही है।
आराम से नहीं बागी: सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि अगर बागी विधायक वापस लौटते हैं, तो वे हमारे ही साथ होंगे। विधायकों ने बताया कि बगावत के बाद वे चैन से नहीं है। वे यहां वापस आराम से रह सकते हैं।
हम पहले ही कर चुके हैं ऐलान: सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने सोमवार को कहा कि बेशक विधानसभा स्पीकर विश्वास मत प्रस्ताव पर फैसला करेंगे, लेकिन हम पहले ही बता चुके हैं कि हम विधान सौधा में विश्वास साबित करेंगे।
कोर्ट करेगा याचिका पर सुनवाई: सिद्धारमैया
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हमने भी याचिका दायर की है। उम्मीद है कि कल (मंगलवार) को कोर्ट हमारी याचिका पर सुनवाई करेगा।
बागी विधायकों को स्पीकर का नोटिस
दूसरी ओर सोमवार को ही कर्नाटक विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जनता दल (सेकुलर) के 15 बागी विधायकों को नोटिस भेजा है।
विधायकों से उन्हें अयोग्य ठहराने की याचिका पर अपना जवाब दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
सरकार ने दायर की है याचिका
दरअसल, सत्तारूढ़ दल ने सदन में विश्वास प्रस्ताव के दौरान उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था, इसके बाद बावजूद बागी विधायक सदन में मौजूद नहीं थे।
इसी को आधार बनाकर सत्तारूढ़ दलों ने विधानसभा अध्यक्ष से बागियों को अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दायर की।
एक विधानसभा लेकिन बहुमत के दावेदार दो
राजनीतिक संकट से जूझ रही कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार अपने विधायकों से परेशान है। दोनों दलों के 15 विधायकों को इस्तीफे के बाद बीजेपी ने राज्य सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया था।
हालांकि सीएम एचडी कुमारस्वामी और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा लगातार बहुमत का दावा कर रहे हैं।
Updated on:
22 Jul 2019 05:01 pm
Published on:
22 Jul 2019 04:55 pm

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