दरअसल, नया अध्यक्ष को खोजने की जिम्मेदारी संभाल रहे नेता पी वी नरसिंह राव और सीताराम केसरी के कार्यकाल को भूले नहीं है। 1998 में केसरी को हटाकर सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाने में उस समय पार्टी के नेताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। पार्टी के एक सांसद कहते है कि नए अध्यक्ष के नामे को ढूंढने की प्रक्रिया में शामिल नेता उस दौर में भी थे और वे इन प्रकरणों को भूले नहीं है, इसलिए ऐसे नेता की तलाश लगातार जारी है, जो गांधी परिवार को भविष्य में चुनौती नहीं दे सके।