26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी ने विपक्षी सांसदों से एकजुटता की मिसाल पेश करने को कहा

पार्टी के सांसदों से विपक्ष के सांसदों से तालमेल बिठाने को भी कहा ताकि मोदी सरकार को मात देना संभव हो सके।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 19 Jul 2018, 3:14 PM IST

modi

संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी ने विपक्षी सांसदों से एकजुटता की मिसाल पेश करने को कहा

नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा में पीएम मोदी की अग्निपरीक्षा है। हालांकि इस परीक्षा में उनका पास होना लगभग तय है लेकिन विरोधी दल मोदी सरकार को मात देने की रणनीति बनाने में जुटे है। गुरुवार की सुबह यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्‍यक्षता की। इस दौरान उन्‍होंने पार्टी के सभी सांसदों को अविश्‍वास प्रस्‍ताव के पक्ष में मतदान करने को कहा। साथ ही उन्‍होंने विपक्षी एकता पर बल देते हुए पार्टी के सांसदों से विपक्ष के सांसदों से तालमेल बिठाने को भी कहा है। ताकि मोदी सरकार को मात देना संभव हो सके।

सांसदों को एकजुट रहने का दिया आदेश
इससे पहले बुधवार को यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी के पूरे संकेत दे दिए थे। सोनिया गांधी ने अपने बयान से संख्याबल पर आश्वस्त दिख रही सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा था कि कौन कहता है कि यूपीए के पास नंबर नहीं है? इसी रणनीति को और धार देने के लिए उन्‍होंने आज कांग्रेस संसदीय दल की बैठक बुलाई और सभी से मंत्रणा की। सोनिया गांधी ने कल कहा था कि मोदी सरकार इस भ्रम में न रहे कि विपक्ष के पास मैजिक नंबर नहीं है।

विपक्षी एकता को शिवसेना का झटका
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेता इस बार उम्‍मीद लगाए बैठे थे कि लंबे अरसे से पीएम मोदी सरकार की नीतियों से नाराज शिवसेना अविश्‍वास प्रस्‍ताव के पक्ष में मतदान करेगी। लेकिन शिवसेना ने विपक्षी एकता को झटका देते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि लोकतंत्र में सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए, पर सच का साथ भी नहीं छोड़ना चाहिए। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने सोनिया गांधी पर हमला करते हुए कहा कि सोनिया जी की गणित कमजोर है। उन्होंने 1996 में भी ऐसा ही कैलकुलेशन किया था। हम जानते हैं कि तब क्या हुआ था। उनकी गणित इस बार भी गलत साबित होगी।

बड़ी खबरें

View All

राजनीति

ट्रेंडिंग