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विवादों को सुलगा देते हैं सुब्रमण्यम स्वामी के बयान

मुद्दा राम मंदिर का, हो जेएनयू का या फिर मालदीव का, सुब्रमण्यम स्वामी विवादित बयान दे डालते हैं।

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Swamy

विवादों को सुलगा देते हैं सुब्रमण्यम स्वामी के बयान

सुब्रमण्यम स्वामी को ऐसे तेज-तर्रार नेता के रूप में जाना जाता है, जो अपनी राय बिना किसी लाग-लपेट के रखते हैं। आप उनकी राय से सहमत हो सकते हैं या असहमत, मगर उनकी अनदेखी बिल्कुल नहीं कर सकते। भाजपा सांसद होने के बावजूद वह कई बार ऐसे बयान दे डालते हैं, जिनसे सरकार मुश्किल में पड़ जाती है और स्वामी के बयान को उनकी निजी राय बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश करती है। मालदीव पर हमले वाले ट्वीट ने भी भाजपा सरकार के लिए ऐसी ही मुश्किल खड़ी कर दी है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने पहले भी दिए विवादित बयान
स्वामी के बयान समय-समय पर विवादों का विषय बनते रहे हैं। बताया जाता है कि जब उन्हें जेएनयू का वीसी बनाए जाने की अटकलें लग रही थीं, तब उन्होंने इस विश्व विख्यात विश्व विद्यालय को राष्ट्रद्रोहियों का अड्डा बता डाला था। इसके अलावा उनका वह बयान भी बहुत विवादित हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई अल्पसंख्यक यह स्वीकार कर लेता है कि उसके पूर्वज हिंदू थे, तो वह हमारे लिए हिंदू ही है।

मालदीव पर हमला करने की बात दोहराई
मंगलवार को भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर ट्वीट कर मालदीव पर भारतीय आक्रमण की जरूरत पर बल दिया है। अपने ट्वीट में सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा है कि मालदीव में रहने वाले भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका अपना मत है कि भारत की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों की मालदीव में सुरक्षा करे और इसके लिए मालदीव पर आक्रमण करना जरूरी है। मालदीव को भी स्वामी का यह ट्वीट अच्छा नहीं लगा औऱ इसलिए उसके विदेश सचिव अहमद सरीर ने भारतीय हाई कमिश्नर अखिलेश मिश्रा को समन किया।

भारत सरकार ने स्वामी के ट्वीट को बताया निजी राय
इससे पहले भारत सरकार ने सुब्रमण्यम स्वामी के उस ट्वीट को निजी राय बताकर उससे पल्ला झाड़ लिया था, जिसमें स्वामी ने कहा था कि अगर मालदीव में राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होती है, तो भारत को उस पर हमला कर देना चाहिए। अपने ट्वीट से दो दिन पूर्व ही स्वामी ने कोलंबो में मालदीव के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से मुलाकात की थी। आपको बता दें कि मालदीव 23 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं।