
मालदीव पर सुबमण्यम स्वामी के बयान से केंद्र सरकार ने पल्ला झाड़ा
केंद्र सरकार ने बीजेजी सांसद सुब्रमण्यम सवामी के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मालदीव में यदि आगामी राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई, ता भारत को उस पर हमला कर देना चाहिए। खबरों के अनुसार- स्वामी ने मालदीव के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से मुलाकात की थी। उसके दो दिन बाद शुक्रवार को उन्होंने ट्वीट किया था कि- यदि मालदीव में चुनाव में कोई गड़बड़ी होती है, ता भारत को उस पर हमला कर देना चाहिए।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य स्वामी के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि- डॉ. स्वामी की ओर से अपने ट्वीट में व्यक्त की गई राय निजी है। उनकी राय भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
बता दें स्वामी ने इसी सप्ताह कोलंबो में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद से मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने भारतीय सांसद स्वामी को मालदीव के राजनीतिक हालात के बारे में बताया। साथ ही यह आशंका भी व्यक्त की कि मौजूदा राष्ट्रपति अब्दल्ला यामीन 23सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में किसी तरह की धांधली करा सकते हैं।
इस मुलाकात के बाद भी स्वामी ने ट्वीट में कहा था कि- ‘हमने मालदीव के मौजूदा राजनीतिक हालात, आगामी राष्ट्रपति चुनावों और इस बारे में अपनी चिंता पर चर्चा की। इस बात पर भी विचार किया कि राष्ट्रपति यामीन किस तरह से 23 सितंबर को होने वाले चुनाव में धांधली कराना चाहते हैं।’ उन्होंने आशंका जताई थी कि पूर्व राष्ट्रपति नशीद को चुनावों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने की आशंका है। इसलिए पड़ोसी होने के नाते भारत को ऐसा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि- ‘हमें एक कार्ययोजना की जरूरत है।’ स्वामी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति यामीन ने भारतीयों का अपमान किया है। मालदीव के राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने जून में कहा था कि नशीद को राष्ट्रपति चुनाव कराने से अयोग्य करार दिया जाता है।
Published on:
26 Aug 2018, 7:18 PM IST
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