
दलित नेता सुशील शिंदे बन सकते हैं राहुल के उत्तराधिकारी, कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्षराहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने अपने पद से इस्तीफा देने का पूरा मन बना लिया है। उनका साफ कहना है कि जल्द से जल्द नए अध्यक्ष की तलाश की जाए। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने राहुल को मनाने की काफी कोशिशें की लेकिन सब नाकाम रहे। अध्यक्ष पद के लिए नए विकल्प की तलाश जारी है। चर्चा यह है कि पार्टी ने राहुल गांधी का विकल्प ढूंढ लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी के उत्तराधिकारी मराठा और दलित नेता सुशील कुमार शिंदे ( Sushil Kumar Shinde) हो सकते हैं।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस हाईकमान और गांधी परिवार ने पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र के दिग्गज नेता सुशील शिंदे का नाम अध्यक्ष पद के लिए फाइनल कर लिया है। कहा यहां तक जा रहा है कि शिंद के नाम की घोषणा जल्द की जा सकती है।
दरअसल, इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव है। महाराष्ट्र में शिंदे की पहचान मराठा और एक दलित नेता के रूप में है। इसके अलावा मुंबई से मिलने वाला पार्टी फंड और NCP को फिर से कांग्रेस में विलय कराने की संभावनाओं को भी बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो इन कामों के लिए सुशील शिंदे पूरी तरह फिट बैठते हैं।
गांधी परिवार के विश्वनीय मानें जाते हैं शिंदे
सुशील शिंदे यूपीए सरकार-2 में गृह मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा 18 जनवरी 2003 से लेकर 4 नवंबर 2004 तक वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी रहे। शिंदे को गांधी परिवार का विश्वसनीय भी माना जाता है। हालांकि, शिंदे को राजनीति में लाने का श्रेय NCP नेता शरद पवार को जाता है। लेकिन, उन्होंने पवार का साथ न देकर कांग्रेस के साथ रहने का फैसला किया। लिहाजा, शिंदे की गिनती पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में होती है।
राहुल गांधी जल्द कर सकते हैं शिंदे से मुलाकात
चर्चा यहां तक है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जल्द ही सुशील शिंदे से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि मुलाकात के बाद औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर कांग्रेस के कोई भी नेता अभी बोलने को तैयार नहीं हैं।
कई नेताओं के नामों पर हुई चर्चा
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कई नामों पर चर्चाएं हुईं। इनमें कर्नाटक के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, जम्मू-कश्मीर के नेता गुलाम नबी आजाद, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, जनार्दन द्विवेदी, सचिन पायलट का नाम सामने आया था। लेकिन, किसी कारणवश इन नामों पर सहमति नहीं हुई।
हालांकि, अशोक गहलोत को लेकर चर्चाएं सबसे ज्यादा हुईं। लेकिन, कांग्रेस पार्टी राजस्थान को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। लिहाजा, राहुल गांधी गहलोत को सेंटर में नहीं लाना चाहते हैं। अब देखना यह है कि शिंदे के नाम पर मुहर लगती है या फिर अभी तलाश जारी रहेगा।
Updated on:
03 Jul 2019 12:41 pm
Published on:
03 Jul 2019 11:53 am
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