
एक ट्वीट पर लोगों की मदद करने वाली सुषमा स्वराज को क्या दोबारा मिलेगा विदेश मंत्रालय ?
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय का कार्यभार 26 मई 2014 को सुषमा स्वराज को सौंपा गया। विगत पांच सालों में मोदी कैबिनेट की विदेश मंत्री सुषमा का कामकाज दूसरे मंत्रियों से काफी अलग रहा। इसे समझने के लिए आपको सुषमा स्वराज के ट्विटर अकाउंट को फॉलो करना होगा। सुषमा के इस ट्विटर हैंडल के जरिए अब तक विदेश मामलों में लोगों की कितनी मदद की गई इसके हजारों उदाहरण आपको मिल जाएंगे। आए दिन सुषमा स्वराज के द्वारा किया गया ट्वीट किसी ना किसी अच्छे कारणों की वजह से चर्चा में बने रहते हैं।
सुषमा स्वराज के कार्यभार संभालने से पहले विदेशों में रहने वाले भारतीयों को अपनी समस्या भारतीय दूतावास तक पहुंचाने के लिए बड़ी मशक्त करनी पड़ती थी। लेकिन अब कोई भी व्यक्ति अपनी छोटी सी छोटी समस्या को सुषमा स्वराज को ट्विटर के जरिए जानकारी देता है और उसकी समस्या का समाधान आसानी से हो जाता है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज ने अपने ट्विटर के जरिए कई बड़ी समस्याओं का समाधान किया है। सुषमा स्वराज का ट्विटर हैंडल मानो ख़ास नहीं बल्कि आम लोगों कि तरह ही आम है जिसके छोटे से छोटे ट्वीट का जवाब विदेश मंत्री तुरंत देती हैं।
सुषमा स्वराज अपने ट्विटर हैंडल से सिर्फ भारतीयों की ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान के लोगों की भी निष्पक्ष रुप से मदद करती आई हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण साल 2017 के 11 अक्टूबर को सुषमा के द्वारा किए गए एक ट्वीट के जरिए देखा जा सकता है। जब पाकिस्तानी महिला नीलमा गफ्फार के पति ने विदेश मंत्री से उसके लिए वीजा की मंजूरी देने के लिए अनुरोध किया था। जिसके जवाब में सुषमा स्वराज ने बड़ा दिल दिखाते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा था, 'हम भारत में उनके इलाज के लिए वीजा दे रहे हैं.। कुल मिलाकार दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय नागरिकों की एक ट्वीट पर मदद के लिए आगे आने वाली सुषमा मोदी की 2.0 सरकार में नहीं दिखेंगी।
Published on:
26 May 2019 10:19 pm
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