3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बिहार: विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर तेजस्वी का तंज- जनता को मूर्ख समझ रहे हैं ‘चाचा’

आरजेडी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार की विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर जमकर आलोचना की है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mangala Prasad Yadav

•

Updated: 30 May 2018, 4:56 PM IST

nitish-tejsvi

बिहार: विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर तेजस्वी का तंज- जनता को मूर्ख समझ रहे हैं 'चाचा'

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार को विशेष राज्य के दर्जा देने की ताजा मांग पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। बिहार को विशेष राज्य के दर्जे को हक बताते हुए तेजस्वी ने बुधवार को ट्वीटर कर लिखा, "नीतीश कुमार और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा डोनाल्ड ट्रंप से मांग रहे हैं क्या? जनता को मूर्ख समझा है क्या? सीधे पीएम नरेंद्र मोदी को कहने में डर लगता है क्या? नीतीश चाचा, चंद्रबाबू नायडू की तरह रीढ़ की हड्डी सीधी रख बतियाईए। बिहार का हक मांग रहे हैं, कौनो भीख नहीं।"

नीतीश पर साधा निशाना
तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को नौटंकी करार देते हुए लिखा, "नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और सुशील मोदी बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा विपक्ष से मांग रहे हैं या फिर किसी भूत-प्रेत से। केंद्र और राज्य में आपकी सरकार है। फिर ये मांगने की नौटंकी, किससे? जनादेश चोरी करने के बाद भी ये अवसरवादी लोग विकास नहीं करने के बहाने ढूंढ़ रहे हैं।"

'प्रेशर पलिटिक्स' की आलोचना
कभी नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर सहयोगियों पर दबाव बनाने की रणनीति पर कहा, "आपने हमारा जनादेश चोरी कर लिया, अब हमारी विशेष राज्य की मांग के बहाने भाजपा पर 'प्रेशर पलिटिक्स' करना चाह रहे हैं। कुछ विकास कीजिएगा या नहीं या हरदम सहयोगियों संग यह ब्लैकमेलिंग वाला खेला ही चलता रहेगा? आपने विशेष राज्य के मुद्दे पर मेरे पहले वाले पत्र का जवाब आज तक नहीं दिया।"

नीतीश ने की थी विशेष राज्य के दर्जे की मांग
दरअसल नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक ब्लॉग लिखकर बिहार को किन कारणों से विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए बताया था। इसके बाद से ही बिहार में राजनीतिक बहसबाजी तेज हो गई है।