तीरथ सिंह रावत ने छोटे कार्यकाल में फटी जींस से लेकर पीएम मोदी को भगवान बताने तक, दिए कई बड़े और विवादित बयान

उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने बनाया सबसे कम समय सीएम बनने का अनूठा रिकॉर्ड, 4 महीने के कार्यकाल में दे डाले कई बड़े और बवाल मचाने वाले बयान

By: धीरज शर्मा

Published: 03 Jul 2021, 02:17 PM IST

नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ( Tirath Singh Rawat ) महज 4 महीने में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के साथ ही उन्होंने एक अनूठा रिकॉर्ड भी बना दिया है। दरअसल तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड में सबसे कम दिन मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है। रावत महज 115 दिन के लिए सीएम बने।

रावत के इस्तीफे के बाद शनिवार को उत्तराखंड में नए सीएम के चेहर की तलाश शुरू हो रही है। इसके लिए विधायक दल की बैठक आयोजित की जा रही है। रावत का कार्यकाल भले ही छोटा रहा हो, लेकिन इस बीच फटी जींस से लेकर पीएम मोदी को भगवान बनाने से लेकर उनके बयानों ने जरूर बड़े विवाद खड़े कर दिए थे।

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तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के सबसे कम समय तक सीएम रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने 115 दिन में इस्तीफा दिया है।

जबकि इससे पहले भगत सिंह कोशियारी ने 122 दिन में सीएम पद से इस्तीफा दिया था। वहीं भूवन चंद्र खंडूरी ने 184 दिन की सरकार चलाने के बाद इस्तीफा दिया था। अपने छोटे से कार्यकाल में तीरथ सिंह रावत ने बड़े बयानों से सुर्खियां बंटोरी हैं।


पीएम मोदी को भगवान का दर्जा
पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत 14 मार्च 2021 को एक कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। लेकिन तारीफ करते-करते वे इतना आगे बढ़ लिए कि उन्होंने पीएम की तुलना सीधे भगवान से कर डाली। इस बयान के बाद वे विरोधियों के निशाने पर आ गए। उन्होंने कहा था कि जैसे राम और कृष्ण को पूजा जाता है, वैसे ही आने वाले समय में नरेंद्र मोदी को भी पूजा जाएगा।

जिस तरह से भगवान राम ने समाज का कल्याण किया था, उसके बाद से ही उन्हें भगवान का दर्जा मिला, वैसे ही पीएम मोदी भी समाज के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं और लोग उन्हें भी मानेंगे।

महिलाओं की फटी जींस पर विवादित टिप्पणी
मोदी को भगवान बताने के बयान का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि रावत महिलाओं की फटी जींस को लेकर विवादित टिप्पणी कर डाली। रावत ने कहा- जब वो जहाज से एक बार उड़ान भर रहे थे तो उन्होंने देखा कि एक महिला अपने दो बच्चों के साथ बिल्कुल पास में ही बैठी थी, वो फटी हुई जीन्स पहनकर बैठी थी।

मैंने उनसे पूछा कि बहनजी कहां जाना है, तो महिला ने जवाब दिया कि दिल्ली जाना हैं, उनके पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं और वो खुद एनजीओ चलाती थीं। मैंने सोचा जो महिला खुद एनजीओ चलाती हो और फटी हुई जींस पहनी हो, वह समाज में क्या संस्कृति फैलाती होंगी। जब हम स्कूलों में पढ़ते थे, तो ऐसा नहीं होता था। रावत के इस बयान का आम लोगों से लेकर फिल्मी हस्तियों तक सभी ने जमकर विरोध किया।

ज्यादा बच्चे , ज्यादा राशन
विवादित बयानों का आदत डाल चुके रावत ने मार्च में ही तीसरा बड़ा बयान दिया। उन्होंने राशन और बच्चों के बीच कनेक्शन बैठा दिया। रावत ने कहा था, जिनके ज्यादा यूनिट ( बच्चे ) हैं, उन्हें ज्यादा राशन मिलता है।

अगर मेरे परिवार में दो सदस्य हैं तो हमे 10 किलो राशन मिला, अब जिनके 20 यूनिट ( बच्चे) रहे उन्हें क्विंटल भर राशन मिला। जलन किस बात की है। जब समय था तब सिर्फ दो क्यों किए, 20 क्यों नहीं किए।

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इन बयानों से भी मचा बवाल
रावत ने छोटे से कार्यकाल में कई विवादित बयान दिए। इनमें कोरोना मैनेजमेंट के दौरान भारत की तारीफ करते हुए कह बैठे कि भारत पर 200 साल अमरीका ने राज किया था। लेकिन वो कोरोना से लड़ाई में संघर्ष कर रहा है। इस बयान की खूब खिल्ली उड़ी। वहीं 'मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा' वाले बयान ने भी खूब सुर्खियां बंटोरी।

हाईकोर्ट से भी सीधा पंगा
हाल में चार धाम यात्रा को लेकर भी हाईकोर्ट और तीरथ सरकार के बीच सीधी-सीधी लड़ाई चली। कुंभ के बाद हाईकोर्ट ने कोरोना काल में चारधाम यात्रा को लेकर भी तीरथ सरकार को कई बार आगाह किया। यात्रा शुरू करने पर दोबारा विचार करने की भी बात कहीं, लेकिन रावत इन फैसलों को नजर अंदाज करते गए और 1 जुलाई से यात्रा शुरू करने का ऐलान कर दिया। हालांकि बाद में कोर्ट ने सख्ती दिखाई को उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा।

धीरज शर्मा
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