
नई दिल्ली। त्रिपुरा सीपीआई (एम) के विधायक और राज्य के पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री बादल चौधरी की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है।
उनको अगरतला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बादल 600 करोड़ रुपये के PWD घोटाले में आरोपी हैं।
आपको बता दें कि पीडब्ल्यूडी घोटाला मामले में पूर्व मंत्री व वामपंथी नेता बादल चौधरी की तलाश में पुलिस कई दिनों से लगातार छापेमारी कर रही थी।
पूर्व मंत्री की तलाश, 9 पुलिसकर्मी निलंबित
गौरतलब है कि पीडब्ल्यूडी घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री व वामपंथी नेता बादल चौधरी को पुलिस तलाश रही थी। पिछले दिनों बादल का सुराग लगाने में नाकाम रही त्रिपुरा पुलिस के एक बड़े अधिकारी सहित नौ कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी में विफलता पर एक आईपीएस अधिकारी और एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सहित नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया था।
पूर्व मंत्री चौधरी 1978 से आठ बार विधायक रहे हैं।
कानून एवं शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने साल 2008-09 में 13 परियोजनाओं को एक साथ मिलाया था।
इन परियोजनाओं के तहत पांच पुल, पांच इमारतें और तीन सड़कें बननी थीं। इन मदों पर 638 करोड़ रुपये खर्च दिखाया गया है, जो अनुमानित लागत से 10 प्रतिशत अधिक है।
नाथ ने कहा कि 228 करोड़ रुपये का घपला किया गया है। त्रिपुरा के इतिहास में यह सबसे बड़ा घोटाला है।
Updated on:
22 Oct 2019 09:17 am
Published on:
22 Oct 2019 09:16 am
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