
चिट फंड केस: कमिश्नर राजीव कुमार ही नहीं बल्कि यह दो नेता हैं मुख्य आरोपी, आज भाजपा के हैं बड़े चेहरे
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुर्खियों में हैं। सीबीआई और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को लेकर घमासान मचा हुआ है। बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। वहीं, ममता बनर्जी रविवार से धरने पर बैठी हैं। दरअसल, यह पूरा मामला चिट फंड केस से जुड़ा है।
चिट फंड के मुख्य आरोपी आज भाजपा में...
सीबीआई रविवार को कोलकात पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची थी। लेकिन, पांच सीबीआई अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, ममता ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार जान बूझकर उन्हें निशाना बना रही है। उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार अगर इतनी निष्पक्ष है तो टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले शारदा चिट फंड घोटाले के आरोपी मुकुल रॉय और असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ जांच क्यों नहीं हो रही है?
टीएमसी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
सियासी घमासान के बीच टीएमसी ने मुकुल रॉय और हेमंत बिस्वा शर्मा के खिलाफ जांच नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया है। टीएमसी नेता गार्गा चटर्जी ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले मुकुल रॉय और कैलाश विजयवर्गीय के बीच 3 अक्टूबर 2018 को फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में कहा गया था कि बंगाल के IPS को टारगेट करने के लिए सीबीआई को इस्तेमाल करना है। उनका कहना है कि इन दोनों नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। लेकिन, इस आरोप के बाद पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ आ गया है। फिलहाल, इस मामले पर सियासी घमासान जारी है।
Updated on:
4 Feb 2019, 3:29 PM IST
Published on:
4 Feb 2019, 2:19 PM IST
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