
मॉब लिंचिंग के खिलाफ राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कानून बनाएंगे मंत्री, पीएम को सौपेंगे रिपोर्ट
नई दिल्ली। अब मॉब लिंचिंग की घटनाओं में शामिल लोग अपनी पहुंच का लाभ उठाकर बच नहीं पाएंगे। सरकार ने मॉब लिंचिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री कानून बनाएंगे। आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से मॉब लिंचिंग की घटनाओं की वजह से देश भर में भय का माहौल व्याप्त है। 67 से अधिक घटनाएं देश भर में मॉब लिंचिंग की हो चुकी हैं।
कमिटी गठित
मॉब लिचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए जरूरी सुझाव देने हेतु केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमिटी का गठन किया गया है। यह कमिटी मॉब लिंचिंग को रोकने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू कराने पर नजर रखेगी। साथ ही कमिटी यह सुनिश्चित करेगी कि सुप्रीम कोर्ट में मॉब लिंचिंग के बारे में जो आदेश दिया था उसका सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। चार सदस्यीय कमिटी चार सप्ताह के अंदर सरकार को अपने सुझाव भेजेगी। हाई लेवल कमिटी यह सुनिश्चित करेगी की राज्य सरकारें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। इस कमिटी में सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट, कानून मंत्रालय व अन्य मंत्रालयों के अधिकारी मौजूद होंगे।
जीओएम तैयार करेगा प्रारूप
हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (जीओएम) की कमिटी विचार करेगी। सुझावों का आकलन करने के बाद ग्रुप ऑफ मिनिट पीएम मोदी को एक रिपोर्ट भी सौपेंगे। उक्त रिपोर्ट के आधार पर सख्त कानून बनाए जाएंगे।
गो तस्करी की आड़ में हत्या
20 जुलाई को राजस्थान के अलवर में गो तस्करी के शक में एक आदमी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना अलवर के रामगढ़ की है। बताया जा रहा है कि रकबान खान पशु लेकर जा रहा था लेकिन उसी वक्त भीड़ ने उसे घेरकर पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस की तफ्तीश के मुताबिक मृतक हरियाणा के अपने गांव से दो गायों को लेकर रामगढ़ के लालवंडी जा रहा था। तभी भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। इससे पहले भी अलवर में ऐसी ही घटना देखने को मिली थी जहां पहलू खान को गो तस्करी के आरोप में भीड़ ने पीट- पीटकर हत्या कर दी थी। आपको बता दें कि इससे पहले सुब्रह्मण्यम स्वामी भी मॉब लिंचिंग इन घटनाओं के खिलाफ हाई लेवल कमेटी गठित करने की मांग कर चुके हैं।
Published on:
24 Jul 2018 01:27 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
