
मोदी के मंत्री बोले- नेहरू की वजह से बना पीओके, अब वापस लेकर रहेंगे
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान बांटवारे के बाद से दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे को लेकर तनाव है। पाकिस्तान आए दिन कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश करता रहता है, जिसकी वजह से धरती के स्वर्ग में आतंक का साया हर वक्त मंडराता रहता है। इसी बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब कश्मीर कोई मुद्दा नहीं रह गया है बल्कि असल मुद्दा वहां पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को वापस पाने का है। इसके साथ ही उन्होंने बंटवारे और पीओके को लेकर तत्कालीन पीएम नेहरू पर जमकर हमले किए।
कश्मीर को पुरानी स्थिति में लाना है: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे पहले हमें इस कहानी को बदलना है कि ‘कश्मीर कोई मुद्दा है । असल में यह कोई मुद्दा नहीं है। यदि कोई मुद्दा है तो वह पिछले 70 साल से पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर को वापस पाने का है - उसी स्वरूप में जिसमें तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने सौंपा था। उन्होंने कहा कि दूसरा मुद्दा कश्मीर की मूल संस्कृति और आबादी के अनुपात को पुरानी स्थिति के अनुरूप बहाल करना है और इसके लिए वहां कश्मीरी पंडितों को वापस बसाया जाना चाहिए।
भारत का बंटवारा सबसे बड़ी चूक: सिंह
एक अंग्रेजी चैनल से बात करते हुए सिंह ने कश्मीर समस्या के लिए ‘बड़ी चूकों की श्रृंखला’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सबसे पहली चूक देश को दो हिस्सों में बांटने की थी। बाद में पाकिस्तान के खुद दो हिस्सो में बंट जाने से ‘द्वि राष्ट्र का सिद्धांत’अपने-आप गलत साबित हो गया। पाकिस्तान आज तक यह स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि कश्मीर भारत का अंग है।
'नेहरू की वजह से बना पीओक'
नेहरु पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के बंटवारे के बाद पंडित नेहरू ने दूसरी ‘बड़ी चूक’ यह की कि तत्कालीन गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल को कश्मीर मामले में अन्य राज्यों की तरह कार्यवाही करने से रोका। इसके बाद जब पाकिस्तान के हमले का संकट आया तो उन्होंने सरदार पटेल को कश्मीर मामले में दखल देने दिया जिसके परिणामस्वरूप जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा बना लेकिन, बीच में ही युद्ध विराम की घोषणा कर पंडित नेहरू ने ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर’बनने दिया। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह की बात कहकर एक और गलती की।
Published on:
27 Oct 2018 10:01 am
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
