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अब वीर सावरकर सेतु के नाम से जाना जाएगा वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक का भी नाम बदला

Maharashtra Politics: पिछले महीने 28 मई को सावरकर जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ने बांद्रा-वर्सोवा समुद्र सेतु का नामकरण भी वीर सावरकर के नाम पर करने का ऐलान किया था।  

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मुंबई का फेमस वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक का नाम आज आधिकारिक तौर पर बदल दिया गया। अब यह ब्रिज वीर सावरकर सेतु के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक का भी नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति न्हावा शेवा अटल सेतु कर दिया गया है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने सावरकर जयंती के मौके पर सी लिंक का नाम बदलने का ऐलान किया था।

सावरकर जयंती के मौके पर सरकार ने किया था ऐलान
पिछले महीने 28 मई को सावरकर जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने वीर सावरकर गौरव दिन के रूप में मनाने का फैसला किया था। इसके बाद सरकार ने बांद्रा-वर्सोवा समुद्र सेतु का नामकरण भी वीर सावरकर के नाम पर करने का ऐलान किया था। इतना ही नहीं सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को वीर सावरकर वीरता पुरस्कार देने का फैसला भी किया है।

पहले भी शहरों का नाम बदल चुकी है सरकार
आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब सरकार ने किसी चीज का नाम बदला है। इससे पहले केंद्र का मोदी सरकार ने फरवरी में औरंगाबाद और उस्मानाबाद के बदले हुए नाम को मंजूरी दे दी थी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर यह खबर दी थी कि अब औरंगाबाद को छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद को धाराशिव के नाम से जाना जाएगा।

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शहरों के नाम बदलने को लेकर हो चुका है प्रदर्शन
छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े बेटे छत्रपति संभाजी उनके पिता द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक थे। संभाजी महाराज को 1689 में औरंगजेब के आदेश पर फांसी दे दी गई थी। कुछ विद्वानों के अनुसार उस्मानाबाद के समीप एक गुफा धाराशिव आठवीं सदी की है। हिंदू दक्षिणपंथी संगठन इन दो शहरों के नाम बदलने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।