नई दिल्ली। सोमवार को पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा ने उग्र रुप ले लिया है। राज्य के कई इलाकों में हालात काफी गंभीर हैं। सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच खूनी खेल का नजारा गली-गली होते हुए चौराहों तक पहुंच गई। वहीं टीएमसी और लेफ्ट के बीच भी सड़कों पर खूनी संघर्ष का खेल जारी है। दोनों दलों के आम कार्यकर्ता पंचायत चुनाव के बीच सड़कों पर एक-दूसरे कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा का दौर जारी है। लोग लाठी-डंडों से एक-दूसरे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर रहे हैं। जहां नंदीग्राम में निर्दलीय उम्मीदवार के दो समर्थकों की झड़प के दौरान मौत हुई है। पटकेलबारी इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के हमले में निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थक शाहिद शेख की जान चली गई। वहीं, नादिया जिले के नकासीपुरा में पोलिंग बूथ से लौट रहे टीएमसी कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई। खूनी खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। उग्र रुप ले चुकी इस हिंसा ने कई लोगों की जान ले ली। इसी बीच बेलदांगा में बीजेपी कार्यकर्ता तपन मंडल की हत्या कर दी गई तो आमदांगा में सीपीएम के एक कार्यकर्ता की बम हमले में मौत हो गई। दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं की भी हत्या की गई है। साउथ 24 परगना जिले में टीएमसी कार्यकर्ता आरिफ अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई तो जलपाईगुड़ी के शिकारपुर में उपद्रवियों ने बैलट बॉक्स को ही फूंक दिया। पूरे राज्य में पंचायत चुनाव के दरमियान भड़की हिंसा ने 11 लोगों की जान ले ली है जबकि दर्जनों घायल हुए हैं।