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‘घोटाले की फाइल मेरे पास…10 दिन में हो गई मौत’, संजय राउत के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में नया बखेड़ा

Maharashtra politics: अजित पवार की मौत के पांच दिन बीत जाने के बाद भी सियासत थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब फिर से शिवसेना सेना के नेता संजय राउत ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसको लेकर सियासत में नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।

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पुणे

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Imran Ansari

Feb 02, 2026

Sanjay Raut statement on Ajit Pawar new controversy in Maharashtra politics

Maharashtra Politics: 28 जनवरी 2026, यह कोई तारीख नहीं बल्कि महाराष्ट्र की सियासत का एक काला दिन था। बुधवार का दिन था, सुबह के लगभग पौने बज रहे थे। अचानक एक प्लेन हादसे की खबर आती है और बताया जाता है कि हादसे वाले प्लेन में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी सवार थे। सोशल मीडिया पर इस घटना से संबंधित हेडलाइनों का सैलाब आ गया था। सभी सोशल मीडिया खंगाल रहे थे कि कहीं से अजित पवार के बचने की खबर आ जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और दो घंटे बाद ही पुष्टि कर दी गई कि अजित पवार अब इस दुनिया में नहीं रहे। इसके बाद से देश में एक तरफ शोक की लहर दौड़ रही थी तो वहीं दूसरी तरफ सिसासत की खिचड़ी भी पक रही थी। आलम ये था कि अजित पवार की मौत के बाद महज 80 घंटे में ही उनकी पत्नी को डिप्टी सीएम पद का शपथ लेना पड़ा। उनके मौत को लेकर भी कई सवाल खड़े किए। अब फिर से शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसको लेकर फिर से महाराष्ट्र की राजनीति में नया बखेड़ा शुरू हो गया है।

आपको बता दें कि दो फरवरी को मीडिया से मुखातिब होते हुए संजय राउत ने अजित पवार की मौत को लेकर भाजपा को घेरते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि अजीत दादा जैसे महाराष्ट्र के बड़े नेता की विमान हादसे में मौत और अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन पर सवाल उठना स्वाभाविक है और इसकी जांच होनी चाहिए। राउत ने कहा कि अजीत दादा की पार्टी के लोग भी उनकी मौत को संदिग्ध बता रहे हैं। उनका कहना है कि पर्दे के पीछे कुछ न कुछ जरूर हुआ है। संजय राउत ने आरोप लगाया कि अजीत पवार ने ‘घर वापसी’ की इच्छा जताई थी, जिसके बाद बीजेपी की ओर से उन्हें सिंचन घोटाले की फाइलों को लेकर धमकियां दी गईं। इस पर अजीत पवार ने भी जवाब दिया था और इसके महज 10 दिन बाद उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। राउत ने कहा कि इससे कई सवाल खड़े होते हैं और यह मामला जस्टिस लोया केस की याद दिलाता है।

क्या है सिंचन घोटाले का मामला?

यह मामला महाराष्ट्र में सिंचाई परियोजनाओं जैसे डैम, नहर और बैराज के निर्माण में हुई भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। आरोप है कि कई परियोजनाओं की लागत बिना किसी ठोस कारण के कई गुना बढ़ा दी गई, ठेके नियमों को ताक पर रखकर बांटे गए और कई जगहों पर काम या तो अधूरा रहा या फिर उसकी गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इन गड़बड़ियों के चलते राज्य को हजारों करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी।

शरद पवार की पार्टी को झटका

अजित पवार की मौत के बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि दोनों एनसीपी का विलय होने वाला था, यूबीटी गुट से दावा किया जा रहा था कि अजित पवार ने तो विलय करने के लिए 12 फरवरी की तारीख भी तय कर दी थी, लेकिन वह तारीख आता उससे पहले ही दादा की मौत हुई गई और उनका सपना अधूरा रह गया। वहीं, महायुति के तरफ से इस दावे को लगातार खारिज किया जा रहा है।

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