
पीके से मुलाकात पर चुप ममता, बोलीं- ये हमारा अंदरुनी मामला
नई दिल्ली। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों अपनी हर बात को लेकर सुर्खियां बना रही हैं। फिर चाहे वो केंद्र की मोदी सरकार से टक्कर लेना हो, पीएम के शपथ समारोह में नहीं पहुंचना हो या फिर एनडीए के घटक दल जेडीयू के उपाध्य़क्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात। दीदी का हर कदम उन्हें हेडलाइन्स में ले आता है। हाल में जेडीयू उपाध्य़क्ष से उनकी मुलाकात ने जमकर सुर्खियां बंटोरी। शुक्रवाको ममता बनर्जी से जब इस बारे में पूछा गया कि इस मुलाकात में क्या बात हुई। तो वो कुछ भी बोलने से बचती दिखीं। बस इतना कहा कि प्रशांत किशोर से मुलाकात हमारा अंदरूनी मामला है।
नीति आयोग पर भी दिया जवाब
मोदी सरकार से लगातार पंगा ले रही ममता बनर्जी ने एक बार शुक्रवार सुबह ही 15 जून को होने वाली नीति आयोग की बैठक में जाने से इनकार कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। ममता ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उन्हें इस बात की जानकारी दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को पत्र लिखते हुए कहा है कि नीति आयोग के पास वित्तीय अधिकार नहीं है और न ही राज्य की मदद करने का आयोग के पास अधिकार है। ऐसे में मीटिंग में शामिल होना मेरे लिए निरर्थक है। ममता ने ये भी कहा कि प्लानिंग कमीशन नीति आयोग के मुकाबले ज्यादा बेहतर है। इसलिए उसी को वापस आना चाहिए।
दोबारा लगाई जाएगी विद्यासागर की मूर्ति
सीएम ममता बनर्जी ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की तोड़ी मूर्ति को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 11 जून दोपहर 1.30 बजे इस क्षतिग्रस्त प्रतिमा को बदला जाएगा। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। आपको बताते चलें कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर बंगाल पुर्नजागरण काल की मशहूर सुधारवादी हस्तियों में गिने जाते हैं।
Updated on:
08 Jun 2019 12:08 pm
Published on:
07 Jun 2019 06:58 pm

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