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West Bengal Election 2021: टीएमसी में शामिल होते ही यशवंत सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी, पार्टी में बढ़ा कद

West Bengal Election 2021 में बढ़ी सियासी सरगर्मी टीएमसी में यशवंत सिन्हा को मिली बड़ी जिम्मेदारी ममता बनर्जी ने पार्टी में बढ़ाया पूर्व वित्त मंत्री का कद

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Dheeraj Sharma

Mar 15, 2021

yashwant Sinha

टीएमसी उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 ( West Bengal Election 2021 ) को लेकर प्रदेश में सियासी हलचलें तेज होती जा रही हैं। बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। यही वजह है कि दोनों ही दल अपने-अपने कुनबे ना सिर्फ बढ़ाने में जुटे हैं बल्कि मजबूती देने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में हाल में बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा को तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी में शामिल किया।

टीएमसी में शामिल करने के साथ ही दीदी ने पार्टी में उनका कद और बढ़ा दिया है। यशवंत सिन्हा को सीएम ममता बनर्जी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। यशवंत सिन्हा को तृणमूल कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इतना ही नहीं उन्हें टीएमसी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति का सदस्य भी नियुक्त किया गया है।

ये है बड़ी वजह
दरअसल यशवंत सिन्हा लंबे समय से बीजेपी को लेकर बड़े बयान देते आए हैं। ममता बनर्जी चाहती हैं कि प्रदेश में बीजेपी के ग्राफ को गिराने में उनके ये तीखे बयान काफी मददगार साबित हो सकते हैं। यही नहीं इसके अलावा वे बीजेपी की कुछ कमजोरियों को भी उजागर करने में भी ममता के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

लेकिन ममता को इतना कुछ देने के लिए यशवंत भी रिटर्न की उम्मीद रखते होंगे। ऐसे में ममता ने उनका ना सिर्फ पार्टी में कद बढ़ाया बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी।

सदस्यता लेने के बाद ही बीजेपी पर बरसे
दरअसल यशवंत सिन्हा लगातार मोदी सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। यही वजह है कि टीएमसी की सदस्यता लेते हुए भी उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बंगाल का चुनाव ( West Bengal Chunav 2021 ) पूरे देश में एक बड़ा संदेश भेजेगा और ऐसे में यहां पर बीजेपी की हार जरूरी है। उनके तेवरों से तो यही लग रहा है कि वे अपनी इसी बात को वे चुनाव के दौरान लगातार दोहराने भी वाले हैं।

आपको बता दें कि यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वे वित्त मंत्री की भूमिका निभा चुके हैं। हालांकि कुछ वर्षों पहले यशवंत सिन्हा ने ये ऐलान किया था कि वे किसी भी दल का दामन नहीं थामेंगे। लेकिन अपनी इस बात पर कायम ना रहते हुए उन्होंने टीएमसी से हाथ मिला लिया।

यशवंत सिन्हा कहा है कि मोदी सरकार के राज में सभी संस्थान कमजोर हो गए हैं। ऐसे में बंगाल में बीजेपी की हार से देश में बड़ा संदेश जाएगा, जिसका असर आगामी चुनावों समेत आम चुनाव पर भी दिख सकता है।

यही नहीं इसके अलावा वे ममता के लिए बीजेपी पर अपने हमले भी तेज कर रहे हैं। हाल में ममता के पैर में लगी चोट को भी उन्होंने सुनियोजित हमला करार दिया था। हालांकि चुनाव आयोग ने इसे महज दुर्घटना बताया है।