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संसद में कैग रिपोर्ट पेश होने से पहले अरुण जेटली और कपिल सिब्‍बल में क्‍यों छिड़ी जंग?

कपिल सिब्बल ने कहा है कि जो भी अधिकारी पीएम मोदी से वफादारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर नजर रखी जा रही है। जो अधिकारी पीएम मोदी से वफादारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि संविधान सर्वोच्च है।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 11 Feb 2019, 2:35 PM IST

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संसद में कैग रिपोर्ट पेश होने से पहले अरुण जेटली और कपिल सिब्‍बल में क्‍यों छिड़ी जंग?

नई दिल्‍ली। लंबे अरसे से रफाल विमान सौदा मोदी सरकार और कांग्रेस के बीच 2019 सियासी जंग का अहम मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस इस मुद्दे को चुनाव में भुनाना चाहती है। जबकि भाजपा के सियासी प्रभाव से बचने की हर संभव कोशिश में जुटी है। दूसरी तरफ आज संसद में रफाल पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट पेश होने की उम्‍मीद है। लेकिन सदन के पटल पर आने से पहले कैग रिपोर्ट को लेकर भाजपा नेता अरुण जेटली और कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍लब के बीच जंग छिड़ गई है।

सिब्‍बल ने राजीव महर्षि को चेताया
कांग्रेस ने हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए राजीव महर्षि से अनुरोध किया कि वह 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के करार की ऑडिट प्रक्रिया से खुद को अलग कर लें, क्योंकि महर्षि 24 अक्टूबर, 2014 से लेकर 30 अगस्त 2015 तक वित्त सचिव थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अप्रैल, 2015 को पेरिस गए और राफेल करार पर दस्तखत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय इन वार्ताओं में अहम भूमिका निभाता है। अब स्पष्ट है कि राफेल करार राजीव महर्षि के इस कार्यकाल में हुआ। अब वह CAG के पद पर हैं। हमने 19 सितंबर, 2018 और चार अक्टूबर 2018 को उनसे मुलाकात की। हमने उन्हें घोटाले के बारे में बताया और जांच की मांग की थी। लेकिन वह अपने ही खिलाफ कैसे जांच करा सकते हैं? सिब्बल ने यह भी कहा कि जो भी अधिकारी पीएम मोदी से वफादारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। कभी हम सत्ता में होते हैं, तो कभी विपक्ष में। हम ऐसे सभी अधिकारियों पर नजर रख रहे हैं, जो अतिउत्साही हैं और पीएम मोदी से वफादारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि संविधान सर्वोच्च है।

कैग को बदनाम करने का षडयंत्र
इस पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पलटवार किया है और कहा कि कांग्रेस झूठ के आधार पर संस्था पर इस तरह के आरोप लगा रही है। एक के बाद एक कई ट्वीट करके जेटली ने कहा कि संस्थानों को बर्बाद करने वालों द्वारा झूठ को आधार बनाकर कैग की संस्था पर एक और हमला किया जा रहा है। दस साल सरकार में रहने के बावजूद यूपीए सरकार के पूर्व मंत्रियों को अब तक नहीं पता कि वित्त सचिव महज एक पद है जो वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम सचिव को दिया जाता है। इलाज के बाद अमेरिका से लौटे जेटली ने कहा कि वित्त सचिव वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम सचिव को दिया जाने वाला पद है और राफेल फाइल की प्रक्रिया में उसकी कोई भूमिका नहीं है।