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एक मुख्यमंत्री को रेड के दौरान खुद जाकर फ़ाइल क्यों लेनी पड़ी: भाजपा

ग्रीन फाइल का रहस्य क्या ? भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा सवाल

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता में ईडी के छापे के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से प्रतीक जैन के ठिकाने से फाइल ले जाने पर सवाल उठाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर पूछा ग्रीन फाइल का रहस्य क्या है ? इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में राज्य सरकार के कथित हस्तक्षेप और एक निजी कंसलटेंसी फर्म से जुड़े घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हाल ही में हुई कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी को एक निजी व्यक्ति प्रतीक जैन के घर से एक हरी फाइल लेकर बाहर निकलते हुए पूरे देश ने देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री को छापे के दौरान स्वयं मौके पर जाकर फाइल क्यों लेनी पड़ी और उस फाइल में कौन से ऐसे अहम दस्तावेज थे, जिन्हें बचाने की कोशिश की गई। उन्होंने आशंका जताई कि उस फाइल में कोयला घोटाले से जुड़े लाभार्थियों के नाम, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की भूमिका, हवाला लेन-देन के रास्ते और इसमें शामिल अधिकारियों की सूची हो सकती है।

भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी ने दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय चुनावी रणनीति से जुड़ा डेटा चुराने आई थी, जबकि जांच एजेंसियों के अनुसार मामला वर्ष 2021-22 के चुनावों के दौरान कोयला घोटाले से गोवा भेजे गए करीब 20 करोड़ रुपये से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि सॉल्ट लेक सेक्टर-5 में दिखाई गई जल्दबाजी उम्मीदवारों की सूची बचाने के लिए थी या उस वित्तीय ट्रेल को छिपाने के लिए, जो कोयला माफिया को सीधे चुनावी फंडिंग से जोड़ता है।

रविशंकर प्रसाद ने कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी अनुप माझी उर्फ लाला से जुड़े कनेक्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित कंसलटेंसी फर्म के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो फिर अपराध की कमाई की जांच हवाला ऑपरेटरों के जरिए उसी फर्म के बैंक खातों तक क्यों पहुंच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों का रास्ता आसनसोल की कोयला खदानों से निकलकर सॉल्ट लेक के एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दुबई कनेक्शन और मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी की बार-बार की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल खड़े किए।

भाजपा नेता ने गोवा कनेक्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों ने गोवा में तृणमूल कांग्रेस के अभियान के लिए फंड ट्रांसफर करने वाले एक जटिल हवाला नेटवर्क का खुलासा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से रिकॉर्ड पर यह स्पष्ट करने को कहा कि गोवा में पार्टी की ब्रांडिंग में इस्तेमाल किया गया पैसा क्या बंगाल की कोयला खदानों से निकला अवैध धन नहीं था और क्या कथित ग्रीन फाइल उसी इंटरस्टेट मनी लॉन्ड्रिंग का लेखा-जोखा थी।

संवैधानिक सवाल उठाते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किस प्रावधान के तहत एक मुख्यमंत्री को केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के दौरान मौके पर जाकर हस्तक्षेप करने का अधिकार है। उन्होंने पूछा कि यदि मुख्यमंत्री को एजेंसी की कार्रवाई पर आपत्ति थी, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाने के बजाय सड़क पर हंगामा क्यों किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में एक पुलिस कमिश्नर को बचाने के लिए धरना देने से लेकर अब एक कंसलटेंट को बचाने के लिए छापे की जगह पर पहुंचने तक, यह सिलसिला बताता है कि हर बार जांच में बाधा डालने के पीछे किसी बड़े घोटाले को छिपाने की कोशिश होती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मौजूदा कार्रवाई वही पैंडोरा बॉक्स है, जो पश्चिम बंगाल में केंद्रीकृत भ्रष्टाचार तंत्र का खुलासा करेगा।

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