
दोस्ती में दरार के सवाल पर डिप्टी सीएम परमेश्वर ने क्यों कहा, कांग्रेस में सीएम के कई चेहरे!
नई दिल्ली। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार आज कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी। इससे एक दिन पहले डिप्टी सीएम और कांग्रेस के नेता जी परमेश्वर ने एक बयान देकर सबको चौंका दिया है। उनके इस बयान से दोनों के बीच दोस्ती की दीवार मजबूत होने से पहले दरकने लगी हैं। आपको बता दें कि चुनाव बाद कांग्रेस-जेडीएस के इस बेमेल गठबंधन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपवित्र गठबंधन मानते हैं। वह कांग्रेस के इस गठबंधन को अनैतिक और भाजपा को सत्ता से किसी भी तरीके से दूर रखने का षडयंत्र मानते हैं।
आखिर क्या कह दिया डिप्टी सीएम ने?
विश्वास मत पर मतदान से एक दिन पहले कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री जरूर बनाया है, लेकिन पूरे 5 साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं, इस बात को लेकर अभी तक चर्चा नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई ऐसे चेहरे हैं जो सीएम पद के दावेदार हो सकते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी पूरे 5 साल मुख्यमंत्री बने रहेंगे तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अभी इस बात पर फैसला किया जाना बाकी है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि किस मंत्री को कौन से विभाग मिलेंगे ये तय होना अभी बाकी है। जहां तक गठबंधन सरकार से कांग्रेस को नफा-नुकसान की बात है तो अभी पार्टी का ध्येय प्रदेश की जनता को अच्छा प्रशासन देना है। इस मामले में शपथ ग्रहण से पहले कुमारस्वामी ने उन खबरों को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ 30-30 माह के लिए सरकार का नेतृत्व करने के फार्मूले पर काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।
हम सब साथ हैं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार के नाखुश होने और कुछ विधायकों के साथ अलग से बैठक करने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने नेताओं के बीच किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया। पार्टी के सभी विधायक साथ हैं और हम शक्ति परीक्षण में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि पद मांगने में कुछ भी गलत नहीं है। कांग्रेस पार्टी में कई नेता हैं जो उप मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बनने में सक्षम हैं। यह कांग्रेस पार्टी की ताकत है। जब हम गठबंधन सरकार में हैं तो इस बात का फैसला कांग्रेस आला कमान को करना है कि इस स्थिति में किसे कौन सा पद दिया जाए।
Published on:
25 May 2018 09:15 am
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