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पशु-पक्षी बैचेन, पानी मिले तो आए चैन

-पशुओं के लिए पानी की खेळ और पक्षियों के लिए परिंडों की कमी

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pratapgarh

प्रतापगढ़. दिनोंदिन चढ़ते पारे के साथ बढ़ रही तपिश ने मनुष्य ही नहीं, पशु पक्षियों का हाल भी बेहाल कर रखा है। गर्मी के इस मौसम में हर किसी को पानी की ज्यादा आवश्यकता महसूस होती है। मनुष्य तो कैसे भी करके अपनी पानी की जरूरत पूरा कर लेता है, लेकिन मूक पशु पक्षियों को पानी नहीं मिलने पर यहां-वहां भटकना पड़ता है। है। इनके लिए पानी की खेळ और परिंडे नहीं होने से इन्हें प्यासा तड़पना पड़ता है। कई बार तो पानी की कमी से पशु-पक्षी अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं।
कोई नहीं देता ध्यान
इस समय शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस है और गर्मी से इंसान से लेकर जानवर ओर पेड़-पौधे भी बुरी तरह प्रभावित है। पशु-पक्षियों की पानी की जरुरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में खेळ और परिंडों की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन इन बेजुबानों की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। ऐसे में पशु-पक्षी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकते परेशान होते देखे जा सकते हैं। इस तरफ न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही स्वयं सेवी संस्थाओं का। हालांकि शहर में कुछ जगह खेळ बनी हुई है जिसे नगरपरिषद की ओर से रोजाना भरा जाता है, लेकिन जरूरत के अनुसार वह बहुत कम है। जिनकी संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
कम हो रहा पशुओं के प्रति मदद का भाव
पशु जब प्यासे होते है तो घरों के सामने आकर खड़े हो जाते हैं। पुराने समय में लोग ना सिर्फ अपने घरों से गाय के लिए पहली रोटी निकालते थे बल्कि उनके पीने के पानी के लिए घरों के आगे खेळ भी बनाई जाती थी वहीं पक्षियों के लिए खिड़कियों और छतों पर बर्तन में पानी भरकर रखा जाता था लेकिन जमाना बदल गया है और बदले जमाने के साथ ही पशु-पक्षियों के प्रति मदद का भाव भी कम हो गया है। लोग अब ना तो उनके लिए रोटी ही निकालते हैं और ना ही अपने घरों पर आए पशु-पक्षियों के लिए पानी का ही कोई इंतजाम करते हैं। ऐसा नहीं है कि अभी पशु-पक्षियों के प्रति दया भाव रखने वाले लोग नहीं है लेकिन इनकी संख्या काफी कम है। जबकि इन बेजुबानों के प्रति दया भाव रखते हुए इनके खाने-पीने के इंतजाम के लिए आगे आने की जरुरत है ताकि ये निरीह प्राणी भी अपना जीवन पूरा जी सकें।
बीमार हो रहे पशु
गर्मी में आमतौर पर बड़े पशुओं गाय, बैल आदि को दिन में तीस से चालीस लीटर पानी की आवश्कता होती है। खुले में घूमने वाले पशुओं को इतना पानी नहीं मिल पाता। इससे इनमें डीहाइडे्रशन की समस्या हो जाती है और वे बीमार हो जाते हैं।
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मिलना चाहिए पर्याप्त पानी
गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों को पानी की आवश्यकता ज्यादा रहती है। यदि पानी की कमी आ जाए तो इससे इनकी बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ जयप्रकाश परतानी, वरिष्ठ पशु चिकित्सक, पशुपालन विभाग, प्रतापगढ़
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