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प्रतापगढ़: इस गांव के लोगों ने दी पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी, जानिए क्यों

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत महुवाल का खोरापाड़ा आज भी सड़क सुविधा से वंचित है।

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आजादी के 79वें वर्ष में भी सडक़ से वंचित खोरापाड़ा गांव

आजादी के 79वें वर्ष में भी सड़क से वंचित खोरापाड़ा गांव. Photo- Patrika

Pratapgarh News: भारत देश आजादी के 79वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, लेकिन आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क जैसी मूलभूत सुविधा सपना बनी हुई है। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत महुवाल का खोरापाड़ा आज भी सड़क सुविधा से वंचित है।

साल 2024 में बरसात के दौरान खोरापाड़ा से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई थी, जब बाबरी पत्नी सुखलाल अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने चारपाई को ही एंबुलेंस बनाया और मरीज को कंधों पर उठाकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित

इस घटना की खबर कई समाचार चैनलों में प्रकाशित हुई, जिसके बाद तत्कालीन बांसवाड़ा संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खोरापाड़ा को राज्य सरकार की योजना के तहत सड़क से जोड़ने के निर्देश दिए थे।

निर्देशों के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे, सर्वे किया और सड़क निर्माण का प्रस्ताव बनाकर ले गए, लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। परिणामस्वरूप खोरापाड़ा के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता। बीते वर्षों में 2 से 3 लोगों की मौत केवल इसलिए हो गई, क्योंकि उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी।

सड़क सुविधा के अभाव का असर शिक्षा और पेयजल पर भी

ग्रामीणों का दावा है कि यदि सड़क होती, तो इन लोगों की जान बचाई जा सकती थी। सड़क सुविधा के अभाव का असर शिक्षा और पेयजल पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बच्चों को नियमित रूप से स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और जिला कलक्टर तक कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

खोरापाड़ा के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे आने वाले पंचायती राज चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वोट इसलिए देते हैं ताकि उनके गांव में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें, लेकिन जब ये सुविधाएं ही नहीं मिल रही हैं, तो मतदान का क्या अर्थ रह जाता है।