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गहलोत सरकार का कारनामा, बीपीएल उपभोक्ता के घर पहुंचा पचास हजार का बिल, उड़े होश

बिजली निगम आमेट की लापरवाही के चलते पिछले 7-8 माह से ग्राहकों को गलत रीडिंग, मीटर की रीडिंग नहीं लेने, मीटर बंद दिखाकर अंदाजन बढ़ोतरी स्वरूप का बिजली बिल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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लावासरदारगढ़. बिजली निगम आमेट की लापरवाही के चलते पिछले 7-8 माह से ग्राहकों को गलत रीडिंग, मीटर की रीडिंग नहीं लेने, मीटर बंद दिखाकर अंदाजन बढ़ोतरी स्वरूप का बिजली बिल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच कस्बे में एक बीपीएल उपभोक्ता को तो पचास हजार रुपए का बिल भेज दिया। इससे परिवार वालों के होश उड़ गए।

उपभोक्ता लावासरदारगढ़ निवासी कालुलाल के पुत्र नारायण ने बताया कि उसके यहां हर बार सात-आठ सौ रुपए तक का बिल आता है। लेकिन, इस बार विभाग ने 6040 यूनिट बिजली उपभोग दर्शाते हुए 48 हजार छ सौ उनतीस रुपए का बिल थमा दिया। परिवार को बिल मिलने पर उनके होश उड़ गए। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री इन दिनों 200 यूनिट बिजली बीपीएल परिवारों को फ्री देने की गारंटी दे रहे हैं और इसके लिए कैंप लगाकर मुख्यमंत्री गांरटी कार्ड बांटे जा रहे हैं।

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ऐसे में बीपीएल उपभोक्ता को इतनी बड़ी राशि का बिल थमाना निगम की लापरवाह कार्यशैली को ही दर्शाता है। इतनी बड़ी राशि का बिल बीपीएल उपभोक्ता को थमाने के बाद उसमें सुधार के लिए भी उसे निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।

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