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प्रतापगढ़

कांठल में उड़ाया रंग और गुलाल: जिलेभर में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया रंगतेरस

सुबह से ही लोगों में रहा खासा उत्साह

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प्रतापगढ़. कांठल में रंगतेरस का पर्व रविवार को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर समेत कस्बे और गांवों में सुबह से ही लोगों में खासा उत्साह रहा। सुबह से ही लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाने के लिए पहुंच गए। जिससे पूरा कांठल रंग तेरस में रंगा नजर आया। यहां शहर के गांधी चौराहे पर विशेष उत्साह देखा गया। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से गेर निकाली गई। फागुन के गीत गाते हुए स्वयंसेवकों ने जमकर रंग और गुलाल उड़ाई। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाने की अपील की। पुलिस की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। गौरतलब है कि जिले में रंग तेरस का पर्व मनाने की परम्परा रही है। यहां पर रियासत कालीन दौर में तत्कालीन राजवंश के सदस्य की मौत हो गई थी। हिंदू मान्यताओं के अनुसार परिवार में किसी सदस्य की मौत हो जाने पर 12 दिन का शोक रहता है। उसके बाद 13 वें दिन शोक निवारण कार्यक्रम होता है। ऐसे में प्रतापगढ़ में तभी से धुलंडी नहीं मना कर शोक निवारण के रूप में रंग तेरस का पर्व मनाया जाता है। जिले में रविवार को रंगतेरस पर सुबह से ही बच्चे और युवाओं की टोलियां शहर के बाजारों में रंग और गुलाल उड़ाती हुई नजर आई। लोगों ने डीजे की धुनों पर नृत्य किया। विभिन्न समाजों की ओर से भी गेर का आयोजन किया गया। आदिवासी अंचल में पारंपरिक गेर नृत्य के आयोजन को लेकर भी लोगों में उत्साह है। त्योहारों पर शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
छोटीसादड़ी. रंग तेरस के पर्व पर शहर व ग्रामीण क्षेत्र रंगों से सराबोर रहे। मंदिरों में भी आस्था का उल्लास छाया रहा। युवाओं व युवतियों का झुंड डीजे पर बजते गीतोंए नृत्य और रंग के साथ गुलजार रहा।लोगो ने रंगोत्सव का जमकर लुत्फ उठाया। मंदिरों में पंचामृत अभिषेक किया गया। ठाकुरजी और राधारानी को भी गुलाल अर्पण किया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने गुलाल और फूलों के साथ होली खेली। टोलियों ने लोगों के घरों पर जाकर रंग और गुलाल लगाया। वहीं घरों में उल्लास के पर्व पर विभिन्न व्यंजन बनाए गए। शहर सहित कई गांव में चल समारोह निकालकर के ठाकुरजी संघ खूब गुलाल उड़ाई गई। शहर के प्रसिद्ध और प्रमुख धार्मिक स्थल श्री चारभुजा जी मंदिर से ठाकुरजी का चल समारोह श्री चारभुजाजी मंदिर संघ के तत्वावधान में निकला। चल समारोह में ट्रैक्टर में ठाकुरजी को विराजित किया गया। शहर में जगह-जगह होली खेली गई। श्री चारभुजानाथ और ठाकुरजी के साथ केसर, चंदन और फूलों से होली खेली गई। उसके बाद डीजे की धार्मिक धुनों के साथ चल समारोह का आयोजन किया गया। चल समारोह में युवाओं और पुरुषों ने नृत्य करते हुए खूब गुलाल उड़ाया। चल समारोह जब लोगों के घरों के द्वार पर पहुंचा तो महिलाओं ने भी श्रद्धा के साथ ठाकुरजी पर गुलाल बरसाते हुएए रंग तेरस खेल कर नमन कर आशीष लिया। शाम को श्री चारभुजाजी मन्दिर पहुच कर समापन हुआ। इसके पश्चात ठाकुरजी और राधारानी को पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई।
अरनोद. कस्बे समेत क्षेत्र में रंग तेरस का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से लोगों ने रंग खेलना शुरू कर दिया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रंग तेरस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिला-पुरुषों ने नृत्य किया तो बच्चों ने भी खूब गुलाल उड़ा कर रंग तेरस का पर्व मनाया। वहीं घरों में शाम को विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर देवों को भोग लगाया।
चूपना. गांव में ढोल के साथ रंग तेरस मनाई गई। जिसमें घर-घर जाकर गुलाल लगाई गई। इस दौरान बाजार बंद रहे।
स्वरूपगंज. क्षेत्र में रंग तेरस का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। गांव-शहरों में रंग तेरस का त्यौहार बड़े प्यार से एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया। जबकि छोटे बच्चे पलाश के फूल एकत्रित कर रंग बनाया। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में पलाश के फूलों का रंग बनाकर रंग तेरस खेलते है।
बम्बोरी. प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रंगतेरस का पर्व हर्षोल्लास से मनाया। महिला-पुरुषों ंव युवाओं के साथ छोटे बच्चों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा गया। सुबह से ही रंग लेकर एक दूसरे को लगाने लगे।