
अरनोद/कनाड़. आदिवासियों के हरिद्वार गौतमेश्वर महादेव का मेला गुरुवार से शुरू हो गया। इस मौके पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि उप जिला प्रमुख आशीष जैन थे। अध्यक्षता मण्डल अध्यक्ष जगदीश कोठारी ने की। विशिष्ट अथिति महंत गौतमेश्वर मठ, प्रधान सुमन मीणा, नरेंद्र गिरी गोस्वामी, उपखण्ड अधिकारी कुलराज मीणा, विकास अधिकारी फिरोज खान, तहसीलदार नानालाल मेघवाल, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष विशाल जैन, पंचायत समिति सदस्य मुकेश मीणा, योगेश शर्मा, जलदाय विभाग सहायक अभियंता इकबाल अंसारी, थाना अधिकारी हजारीलाल मीणा, फतेहगढ़ सरपंच भेरूलाल मीणा, सरपंच जमना मीणा, पूर्व उपसरपंच अशोक शर्मा आदि थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि गौतमेश्वर धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा मिले इसके बारे में उच्च लेवल पर बात करेंगे। गौतमेश्वर में विकास के लिए हर सम्भव प्रायस किए जाएंगे।
प्रधान सुमन मीणा ने कहा कि सड़ी-गली, खराब खाद्य सामग्री नहीं बेचे। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया, पुलिस कानून व्यस्था रखें। उपखण्ड अधिकारी ने स्थानीय नागरिक व वार्ड पंच उपसरपंच व सरपंच सचिव को व्यवस्थाओं के बारे में निर्देश दिए। इस मौके पर उपसरपंच पवन धाकड़, वार्ड पंच गोपाल मीणा, बाबू मीणा, कंवरलाल मीणा, केशुराम मीणा, जगदीश मीणा, राजमल मीणा, रमेश मीणा एवं कई ग्रामीण मौजूद थे। आभार मेला व्यस्थापक जमनालाल मीणा ने किया। कार्यक्रम का संचालन अमर सिंह चौहान ने किया।
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जलदाय विभाग के पानी से बुझती है केवल प्यास
200 टैंकरों पर टिकी रहती है जनता की आस
नहाने-धोने और अन्य कार्यों के लिए निजी टैंकरों से मंगवाना पड़ता है पानी
48 हजार
शहर की आबादी
10 हजार
नल कनेक्शन
200 करीब
टैंकरों से पानी कीरोजाना जलापूर्ति
3 टैंकर
नगरपरिषद के संचालित
प्रतापगढ़. जलदाय विभाग की ओर से वर्तमान में उपभोक्ताओं को दिया जा रहा पानी केवल प्यास बुझा रहा है। नहाने-धोने और अन्य कार्यों के लिए लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। जिसके लिए उन्हें पानी का बिल चुकाने के अलावा अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है।
करीब 200 टैंकरों से जलापूर्ति
लोगों को पानी की आवश्यकता को पूरी करने के लिए पानी के टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार शहर में रोजाना करीब 200 निजी टैंकरों से घरों में पानी डाला जा रहा है। एक टैंकर में करीब 5 हजार लीटर पानी होता है। ऐसे में करीब 10 लाख लीटर पानी की सप्लाई रोजाना होती है। निजी टैंकर मालिक यह पानी निजी कुंए व नलकूपों से यह पानी लेकर आते हंै।
नगरपरिषद भी करता जलापूर्ति
शहर में नगरपरिषद की ओर से भी पानी के 3 टैंकर चलाए जा रहे हैं। जिससे पानी की प्याऊ, पानी की छोटी टंकियां आदि भरी जाती है। जलदाय विभाग की ओर से अभी शहर में पानी के टैंकरों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
मांग से कम जलापूर्ति
जलदाय विभाग के मापदंड के अनुसार हर व्यक्ति को रोजाना पीने के पानी सहित अन्य कार्यों के लिए 100 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है जबकि विभाग की ओर से महज 56 लीटर प्रति व्यक्ति पानी ही दिया जा रहा है। वह भी दो-तीन दिन में 15 मिनिट से आधे घंटे तक। ऐसे में लोगों को केवल पीने का पानी ही मिल पा रहा है और अन्य कार्यों के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है।
हम जानते हैं, पानी है अनमोल,
दूर से लाते हैं घरों में पानी
प्रतापगढ़. पानी अनमोल है। इसकी एक-एक बूंद कीमती है। ये हम जानते हैं।पानी को बचाते भी है। कारण, पानी हम बहुत दूर से पानी लाते हैं। पानी को यूं ही व्यर्थनहीं बहाते हैं। यह कहना था अक्षयपुर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के स्कूली बच्चों का। राजस्थान पत्रिका के ‘बूंद-बूंद से बचेगा कल, नहीं तो कैसे मिलेगा जल’ अभियान के तहत अक्षयपुर के स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद जोशी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पानी पैदा नहीं होता है। उसका पूरा उपयोग करें। उसे व्यर्थ नहीं बहाए। स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहनलाल तेली ने बच्चों को पानी के महत्व व उसके बचत की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने घरों पर पानी कुएं व हैंडपम्प से लाने, उसका उपयोग के तरीके, पानी को बर्बाद होने से रोकने व प्रत्येक बूंद का पूरा उपयोग करने के तरीके बताए। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं भी उपस्थित थी।
Published on:
27 Apr 2018 10:32 am
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