नालों में पानी की आवक तेज
मानसून हुआ सक्रिय
प्रतापगढ़. जिले में तीन दिनों तक मौसम खुला रहने के बाद शुक्रवार शाम को शहर समेत जिलेभर में तेज बारिश हुई। मानसून फिर से सक्रिय हो गया। वहीं सुबह से ही उमस और तेज गर्मी का असर रहा। शाम को काले बादल छाने के साथ ही तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। जो एक घंटे तक जारी रही। इसके बाद रिममिझ का दौर जारी रहा। गत तीन दिनों के अंतराल के बाद हुई तेज बारिश से नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ गई। इसके साथ ही सडक़ों पर पानी बह निकला।
छोटीसादड़ी. एक बार फिर मानसून सिस्टम सक्रिय हो जाने से मौसम में बदलाव आ गया। इसके साथ ही बारिश हुई। सुबह तेज गर्मी और उमस के बाद शाम को काले बादलों ने डेरा जमाया। तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई। जो कभी कम तो कभी तेज जारी रही। वहीं कुछ किसानों के खेतों में सोयाबीन की फसल की कटाई भी शुरू हो गई। जिसके चलते खेतों में कटी पड़ी फसल भीग गई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए सिस्टम से 22 से 24 सितंबर तक हल्की से मध्यम तेज बारिश की संभावना जताई गई। वही गुरुवार को जिले में तेज बारिश से नालों में पानी बहने लगा।
बरडिय़ा. क्षेत्र में दिनभर की उमस के बाद शाम को तेज बारिश हुई। गौरतलब है कि गत सप्ताह क्षेत्र में काफी कम बारिश हुई थी। हालात यह थे कि बरडिया व आसपास क्षेत्र में फुहारें के साथ बहुत कम बारिश देखने को मिली। लेकिन शुक्रवार को शाम को तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। जो झमाझम में बदल गई। किसानों ने बताया कि सब तरफ से अब नुकसान देखने को मिल रहा है। इधर मुंह में आया निवाला भी छीनता जा रहा है। खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल जो कि पूरी तरह से कटाई पर आ गई है। लेकिन अब बारिश से इस खड़ी फसल पानी में भिग गई। ऐसे में फसल की कटाई, थ्रेसरिंग को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है। बरडिय़ा के आसपास क्षेत्र काजली, कोलवी, काजली खेड़ा आदि क्षेत्रों में किसान बहुत चिंतित और परेशान है।