
अफीम तौल केंद्र प्रतापगढ़, पत्रिका फाइल फोटो
Opium Weighing Process: प्रतापगढ़ शहर की इंदिरा कॉलोनी स्थित अफीम तौल केंद्र पर पिछले 8 दिनों से तौल का कार्य लगातार जारी है। जिलेभर के काश्तकार निर्धारित तिथियों के अनुसार केंद्र पर पहुंचकर अपनी उपज का तौल करवा रहे हैं। इधर शनिवार से नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम की परख प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब अफीम का तीन श्रेणी में वर्गीकरण कर तौल किया जा रहा है। विभाग के इस फैसले से काश्तकार खुश हैं।
जिला अफीम अधिकारी एच एल वर्मा ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान केंद्र पर पहुंच रहे हैं। विभाग की ओर से तौल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। जिससे काश्तकारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। तौल केंद्र पर अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम लगातार मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
विभाग की ओर से अफीम की क्लासिंग प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पूर्व में लागू विभिन्न श्रेणियों के स्थान पर अब स्टैंडर्ड, डब्ल्यूएम और सस्पेक्टेड जैसी नई श्रेणियों के आधार पर अफीम का वर्गीकरण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इससे गुणवत्ता के आधार पर पारदर्शी और सरल प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। गुणवत्ता के अनुसार ही काश्तकारों को उपज का भुगतान किया जाएगा।
अफीम तौल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नारकोटिक्स विभाग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में अफीम की तौल कराने के निर्देश जारी किए हैं। अफीम तौल की प्रक्रिया के दौरान विभाग के आलाधिकारी भी पूरे समय तक तौल केंद्र पर मौजूद रहे हैं।
जिला अफीम अधिकारी वर्मा ने काश्तकारों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें। विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफीम में मॉर्फिन की अंतिम जांच रिपोर्ट फैक्ट्री स्तर से ही जारी की जाएगी, जिसे ही मान्य माना जाएगा। तौल केंद्र पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है।
Published on:
05 Apr 2026 11:43 am
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