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प्रतापगढ़ में अनोखी परियोजना! जमीन के नीचे पाइपलाइन, ऊपर किसान करेंगे खेती, 3 जिलों के 2353 गांव होंगे लाभान्वित

Mahi Bajaj Sagar Project: पिछले तीन साल से चल रही 1565 करोड़ रुपए लागत की पीपलखूंट अपर हाई लेवल कैनाल (पीएचएलसी) परियोजना का बहुउद्देशीय निर्माण अंतिम चरण में है। इस अनूठी परियोजना में विना भूमि अधिग्रहित किए भूतल से 3-4 मीटर गहराई में डाली गई बड़ी पाइप लाइन के जरिये पानी बहेगा और ऊपर किसान खेती करेंगे। योजना का करीब 85 फीसदी काम हो चुका है।
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प्रतापगढ़

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 26 May 2026, 11:40 AM IST

Mahi Bajaj Sagar Project,Pratapgarh

घाटोल में पंप हाउस, डिग्गी प्रोजेक्ट के तहत बिछाई पाइप लाइन, पत्रिका फोटो

Mahi Bajaj Sagar Project: पिछले तीन साल से चल रही 1565 करोड़ रुपए लागत की पीपलखूंट अपर हाई लेवल कैनाल (पीएचएलसी) परियोजना का बहुउद्देशीय निर्माण अंतिम चरण में है। इस अनूठी परियोजना में विना भूमि अधिग्रहित किए भूतल से 3-4 मीटर गहराई में डाली गई बड़ी पाइप लाइन के जरिये पानी बहेगा और ऊपर किसान खेती करेंगे। योजना का करीब 85 फीसदी काम हो चुका है। मौजूदा गति बरकरार रही तो अगले 3 माह में काम पूरा हो जाएगा। खेती के लिए प्रतापगढ़ के पीपलखूंट और पेयजल से उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले लाभान्वित होगे।

सितम्बर, 23 में वर्कऑर्डर के बाद 3 अक्टूबर से दो फेज में काम शुरू हुआ था। माही से सिंचाई के लिए 0.7 टीएमसी पानी पीपलखूंट और पीने के लिए 3.72 टीएमसी पानी जाखम तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल होने से अगली रबी फसल के लिए फव्वारा पद्धति से 5 हजार 127 हेक्टेयर क्षेत्र में सिचाई सुविधा मिलेगी, वहीं जल जीवन मिशन के लिए जाखम बांध तक पानी पहुंचने से तीन जिलों के 2353 गांवों तक माही का पेयजल मुहैया हो सकेगा।

80 किमी लंबी कैनाल में पाइप लाइन, 3 जगह से लिफ्टिंग

पीपलखूंट के माही डेम दूब क्षेत्र स्थित खरखूंटी गांव से पानी लिफ्ट कर भेजने के लिए 40 किमी की कैनाल में पाइप लाइन बिछ चुकी है। 40-40 किमी का काम विभाग के बांसवाड़ा और पीपलखूंट खंड कर रहा है। 1.7 मीटर यानी करीब साढ़े पांच फीट मोटी पाइप लाइन से खरखूंटी के पंप हाउस से पानी जोलर गांव और फिर वहां से दोबारा लिफ्ट कर जाखम डेम के नजदीकी हरमारा की रेल गांव तक पहुंचेगा। जाखम के पास पंपिंग स्टेशन से पानी पीएचईडी के फिल्टर प्लांट तक जाएगा। प्रतापगढ़ शहर और उसके 554 गांवों के अलावा नजदीकी उदयपुर, राजसमंद और चित्तौडगढ़ के 1899 गांवों को माही का पानी मिलेगा।

1565 करोड़ की पीपलखूंट अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना फैक्ट फाइल

खासियतः जमीन अधिग्रहण नहीं कर पाइप लाइन खेतों के नीचे बिछाई। किसान ऊपर खेती कर सकेंगे।

कुल जल उठाव 4.42 टीएमसी

सिंचाई के लिए 0.70 टीएमसी

पेयजल के लिए-3.72 टीएमसी

कुल डिग्गियां -7

कार्य प्रारंभ 3 अक्टूबर, 2023

कार्य पूर्णता तिथि- 2 अक्टूबर, 2026

एजेंसी: एक्सईएन, पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना खंड प्रथम बांसवाड़ा व खंड द्वितीय प्रतापगढ़

37 किमी दूरी तय कर सींचेगा नॉन कमांड एरिया

समांतर चल रहे दूसरे फेज में माही बांध का अधिशेष पानी रोविटी से 37 किमी की दूरी तय कर प्रतापगढ़ के नॉन कमांड पीपलखूंट इलाके में 5 हजार 127 हेक्टेयर क्षेत्र को सींचेगा। विभाग ने माही डेम गेट की पुरानी भंगड़ा जा रही पाइप लाइन से कनेक्ट कर अलग लाइन माही नदी से होते हुए पोपलखूंट, टामटिया सहित 24 गांवों से पंडावा, धरियावद तक बिछाई। सात जगह डीग्गियां व रसात पंपिंग स्टेशन बनाए हैं। प्रत्येक सवा से डेढ़ हेक्टेयर पर बनाए नाकों से फव्वारा पद्धति से आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मिलेगी।

पीपलखूंटिया लिफ्ट परियोजना भी सींचेगी तीन गांवों को

पीएचएलसी के साथ स्वीकृत 47 करोड़ लागत की एक अन्य परियोजना पीपलखुटिया लिफ्ट सिंचाई की भी चल रही है. जिसका 90 प्रतिशत कम हो चुका है। इससे मोरवानिया, तलैयापाड़ा और पीपलखूंट गांवों की 400 हेक्टेयर वंचित क्षेत्र में सिंचाई होगी। यह कार्य भी दो माह में पूरा होगा। अगली रबी और खरीफ में सिंचाई का पानी मिल सकेगा।

जल संसाधन अधिकारी ये बोले…

पीपलखूंट अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना का अधिकाश कार्य हो चुका है। निकट भविष्य में नॉन कमांड एरिया में अंडरग्राउंड कैनाल से माही से प्रवाह शुरू होगा, तो ऊपर किसान खेती कर पाएंगे। साथ ही माही से तीन जिलों के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा।
जितेंद्र मीणा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, बांसवाड़ा

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